मन की बात का 139वां संस्करण: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने वृद्धजनों के साथ सुना प्रधानमंत्री का संदेश

रायपुर के मानव बस्ती स्थित शासकीय वृद्धाश्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने वृद्धजनों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 139वां संस्करण सुना। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, जैविक खेती, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर संदेश दिया गया।

Oct 25, 2026 - 15:09
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मन की बात का 139वां संस्करण: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने वृद्धजनों के साथ सुना प्रधानमंत्री का संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने रायपुर की मानव बस्ती स्थित शासकीय वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 139वां संस्करण सुना। कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने देशवासियों से महिला सशक्तिकरण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, स्वच्छता, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और युवाओं की सकारात्मक भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया। इस दौरान विभिन्न सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर जनभागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती में महिलाओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि महिलाएं खेती और आजीविका के क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाकर न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों को कम करने और धरती की उर्वरता बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से इस दिशा में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।

त्योहारों के मौसम और दीपावली को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से स्थानीय उत्पाद खरीदने तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को प्रोत्साहित करने की अपील की। स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्यमियों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। स्थानीय वस्तुओं की खरीद से रोजगार के अवसर बढ़ाने और पारंपरिक कौशल को प्रोत्साहन देने में भी मदद मिलती है।

प्रधानमंत्री ने त्योहारों के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और प्रदूषण कम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि उत्सवों को जिम्मेदारी के साथ मनाएं और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में योगदान दें। कार्यक्रम में जेन-ज़ी और युवाओं की सकारात्मक भूमिका पर भी चर्चा की गई। युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मकता और सामाजिक भागीदारी को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

‘मन की बात’ को जनभागीदारी और देश की लोकशक्ति से जुड़ने का माध्यम बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए उन्हें देशवासियों से परिवार के सदस्य की तरह संवाद करने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में साझा किए जाने वाले अनुभव और विचार समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देते हैं।

रायपुर के शासकीय वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के साथ कार्यक्रम सुनने की पहल ने सामूहिक सहभागिता का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में सामने आए संदेश महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित करते हैं। इन विषयों पर जनसहभागिता बढ़ाकर समाज और देश के विकास में योगदान दिया जा सकता है।