कोंडागांव: वन अधिकार पट्टा 1 एकड़ का, 7 एकड़ वन भूमि पर कब्जे का आरोप; वन विभाग ने तार और लकड़ी के पोल किए जब्त

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के फरसगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत चनियागांव में वन भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। वन विभाग के अनुसार, एक व्यक्ति को एक एकड़ भूमि का वन अधिकार पट्टा मिला है, जबकि करीब सात एकड़ वन भूमि पर कब्जे के साक्ष्य मिले। कार्रवाई के दौरान तार और लकड़ी के पोल जब्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया।

Oct 19, 2026 - 13:48
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कोंडागांव: वन अधिकार पट्टा 1 एकड़ का, 7 एकड़ वन भूमि पर कब्जे का आरोप; वन विभाग ने तार और लकड़ी के पोल किए जब्त

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में वन भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। फरसगांव वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम चनियागांव में वन विभाग की जांच के दौरान एक व्यक्ति पर वन अधिकार पट्टे में निर्धारित भूमि से अधिक क्षेत्र पर कब्जा करने का आरोप लगा है। वन विभाग के अनुसार, संबंधित व्यक्ति को लगभग एक एकड़ भूमि का वन अधिकार पट्टा प्राप्त है, जबकि मौके पर करीब सात एकड़ वन भूमि पर कब्जे और अवैध फेंसिंग के साक्ष्य मिले हैं। मामले में विभाग ने तार और लकड़ी के पोल जब्त कर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया है।

वन भूमि के सीमांकन के दौरान सामने आया मामला

जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को वन अधिकार पत्र धारकों को आवंटित भूमि का KML तैयार करने और सीमांकन की स्थिति का परीक्षण करने के दौरान वन विभाग की टीम ग्राम चनियागांव पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान टीम को कथित रूप से पट्टे में निर्धारित क्षेत्र से अधिक वन भूमि पर कब्जे के संकेत मिले। विभागीय जांच में वन भूमि पर तार और लकड़ी के पोल लगाकर फेंसिंग किए जाने की बात भी सामने आई।

पेड़ों की छाल काटकर नुकसान पहुंचाने के साक्ष्य

वन विभाग के कर्मचारियों के निरीक्षण में वन क्षेत्र के कुछ वृक्षों की छाल काटकर उन्हें नुकसान पहुंचाने के साक्ष्य मिलने की जानकारी दी गई है। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए मौके पर कार्रवाई की। अवैध फेंसिंग में इस्तेमाल किए गए तार और लकड़ी के पोल जब्त कर लिए गए। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

कार्रवाई के दौरान लेनी पड़ी पुलिस की मदद

वन भूमि के सीमांकन और कथित अतिक्रमण की जांच के दौरान वन विभाग की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। मौके पर स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के कारण कार्रवाई आगे बढ़ाने में कठिनाई हुई। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने धनोरा पुलिस बल की सहायता ली। पुलिस की मौजूदगी में टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए फेंसिंग में इस्तेमाल किए गए तार और लकड़ी के पोल जब्त किए। इसके बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम और उप वनमंडलाधिकारी फरसगांव हेमलता देव के मार्गदर्शन में की गई। इस दौरान बड़ेडोंगर परिक्षेत्र अधिकारी योगेंद्र समुंद, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी देवगांव संध्या नाग, मोहन नाग, द्वारिका प्रसाद नायक सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत के सदस्य मौजूद रहे।

वन भूमि पर अतिक्रमण के मामलों पर निगरानी

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर अवैध कब्जे, वृक्षों को नुकसान पहुंचाने और बिना अनुमति फेंसिंग करने के मामलों पर निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वन भूमि और वन संपदा का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सीमांकन तथा निरीक्षण की प्रक्रिया जारी रहेगी।