देवास: गौवंश और पशु चोरी करने वाले कथित संगठित गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
देवास जिले के कन्नौद थाना पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में गौवंश और बकरा-बकरी चोरी की घटनाओं के मामले में कथित संगठित गिरोह के सरगना यूसुफ लाला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 12 बोर का देशी कट्टा, मारुति विटारा ब्रेजा कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. आदित्य श्रोत्रिय, देवास/कन्नौद। मध्य प्रदेश के देवास जिले में गौवंश और अन्य पशुओं की चोरी के मामलों में कन्नौद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों से गौवंश और बकरा-बकरी चोरी करने के आरोप में कथित संगठित गिरोह के सरगना यूसुफ लाला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इंदौर के अपने साथियों के साथ मिलकर ग्रामीण इलाकों में पशु चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। मामले में एक 12 बोर का देशी कट्टा, मारुति विटारा ब्रेजा कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चोरी और गौवंश तस्करी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सौम्या जैन और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कन्नौद आदित्य तिवारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद कन्नौद पुलिस ने थाना क्षेत्र में हुई पशु चोरी की घटनाओं की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, मुखबिरों से मिली सूचनाओं और पारंपरिक पुलिस जांच पद्धतियों की मदद ली। पुलिस के अनुसार, जांच में ग्रामीण क्षेत्रों में हुई पशु चोरी की घटनाओं में यूसुफ लाला गिरोह की संलिप्तता के संकेत मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान पानीगांव रोड पर घेराबंदी कर मुख्य आरोपी यूसुफ को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से 12 बोर का देशी कट्टा बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने उसके कथित साथियों मोहसिन, आकिब पिता मोहम्मद सफी, अशरफ पिता सफी और मुख्तियार को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी इंदौर के चंदननगर और धार रोड क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। सभी पांच आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड प्राप्त कर उनसे पूछताछ की गई।
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों से गौवंश और बकरा-बकरी चोरी कर इंदौर के जावेद लाला के माध्यम से बेचने की जानकारी दी। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मुख्य आरोपी यूसुफ लाला की मारुति विटारा ब्रेजा कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में संगठित अपराध से संबंधित धारा भी बढ़ाई गई है। गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने पूर्व में किन-किन क्षेत्रों में पशु चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था और इन वारदातों में अन्य लोग शामिल थे या नहीं।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक दीपक भोंडे, प्रधान आरक्षक धन्नालाल चौरे, आरक्षक योगेन्द्र सिंह और राजेन्द्र सिंह का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।