यूरोप के 6 देशों में छात्र आंदोलन तेज, महंगी पढ़ाई, बेरोजगारी और किराए के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा

यूरोप के फ्रांस, इटली, स्पेन, ग्रीस, बेल्जियम और अल्बानिया में छात्र और युवा महंगी शिक्षा, बेरोजगारी, बढ़ते किराए तथा खराब शैक्षणिक सुविधाओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आने की खबर है। प्रदर्शनकारी किफायती आवास, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, छात्रावासों की सुविधा और रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इन आंदोलनों ने यूरोपीय देशों की सरकारों के सामने युवाओं की समस्याओं के समाधान की चुनौती खड़ी कर दी है।

Oct 19, 2026 - 12:05
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यूरोप के 6 देशों में छात्र आंदोलन तेज, महंगी पढ़ाई, बेरोजगारी और किराए के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा

UNITED NEWS OF ASIA. यूरोप के छह देशों फ्रांस, इटली, स्पेन, ग्रीस, बेल्जियम और अल्बानिया में छात्र आंदोलन तेज होने की खबर है। महंगी शिक्षा, बढ़ती बेरोजगारी, किराए में वृद्धि और शैक्षणिक संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को लेकर युवा सड़कों पर उतर रहे हैं। कई स्थानों पर प्रदर्शन उग्र होने, सरकारी इमारतों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं की जानकारी सामने आई है। कुछ जगहों पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां भी की हैं।

फ्रांस में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन

फ्रांस में 17 अक्टूबर को लगभग 140 शहरों में प्रदर्शन होने की खबर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई और शिक्षकों की कमी जैसे मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। पेरिस, मार्सेई और बोर्डो जैसे शहरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं सामने आने का दावा किया गया है। लीमोज में ऐतिहासिक सिटी हॉल में आग लगने की भी जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अक्टूबर तक लगभग 1,800 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की खबर थी। इन घटनाओं के बीच शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर सरकार की नीतियों पर बहस तेज हो गई है।

इटली में शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग

इटली की राजधानी रोम और ट्यूरिन समेत कई शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने जर्जर स्कूल भवनों, शिक्षा पर सरकारी खर्च और छात्रावासों की कमी को लेकर नाराजगी जताई। छात्रों की मांग है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाएं बेहतर की जाएं और विद्यार्थियों को किफायती आवास उपलब्ध कराया जाए। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों ने 30 अक्टूबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान भी किया है।

स्पेन में महंगे किराए का मुद्दा

स्पेन में युवाओं का प्रमुख मुद्दा आवास संकट और लगातार बढ़ता किराया है। मैड्रिड समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारी किराए पर नियंत्रण, बेदखली से सुरक्षा और किफायती सरकारी आवास उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि बढ़ती आवास लागत के कारण स्वतंत्र रूप से रहना और पढ़ाई के साथ रोजगार की व्यवस्था करना कठिन होता जा रहा है।

ग्रीस में छात्रावास और बजट बढ़ाने की मांग

ग्रीस की राजधानी एथेंस में छात्रों ने हॉस्टल की कमी और महंगे किराए के विरोध में संसद के सामने टेंट लगाकर प्रदर्शन किया। छात्र नए छात्रावासों के निर्माण, छात्रवृत्ति में वृद्धि और विश्वविद्यालयों का बजट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

बेल्जियम और अल्बानिया में भी विरोध

बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में शिक्षा बजट में कटौती के विरोध में प्रदर्शन हुए। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। वहीं, अल्बानिया की राजधानी तिराना में युवाओं ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग की।

युवाओं की समस्याएं बनीं सरकारों के लिए चुनौती

छह देशों में जारी इन प्रदर्शनों के मुद्दे भले अलग-अलग हों, लेकिन महंगी शिक्षा, रोजगार की अनिश्चितता और किफायती आवास की कमी युवाओं की साझा चिंता बनकर उभरी है। इन आंदोलनों ने सरकारों के सामने शिक्षा, रोजगार और आवास से जुड़ी नीतियों की समीक्षा करने का दबाव बढ़ाया है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की संख्या, गिरफ्तारियों और हिंसा से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।