बेमेतरा के बारगांव के हॉकी सितारों का शानदार प्रदर्शन, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीते 4 स्वर्ण पदक

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा हॉकी प्रतियोगिता में बेमेतरा जिले के बारगांव और देवरी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। दुर्ग संभाग की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए खिलाड़ियों ने अंडर-14 बालक-बालिका वर्ग में 4 स्वर्ण पदक जीते। कोच तुलसी साहू के मार्गदर्शन और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत से जिले का नाम रोशन हुआ।

Oct 19, 2026 - 15:30
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बेमेतरा के बारगांव के हॉकी सितारों का शानदार प्रदर्शन, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीते 4 स्वर्ण पदक

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l ग्रामीण अंचल की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के दम पर बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। राजधानी रायपुर में 15 से 18 अक्टूबर 2026 तक आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा हॉकी प्रतियोगिता में बेमेतरा जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारगांव और देवरी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया। अंडर-14 वर्ष बालक एवं बालिका वर्ग की इस प्रतियोगिता में दुर्ग संभाग की टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों ने कुल 4 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस उपलब्धि से विद्यालय, गांव और पूरे जिले में खुशी का माहौल है।

पूरे टूर्नामेंट में दिखा खिलाड़ियों का दबदबा

प्रतियोगिता के दौरान दुर्ग संभाग की टीम ने अपने उत्कृष्ट खेल, बेहतर तालमेल और आक्रामक रणनीति से प्रतिद्वंद्वी टीमों को कड़ी चुनौती दी। बारगांव के प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रकाश प्रजापति, भूषण साहू, गूंजा साहू और अनन्या निषाद ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया। लीग मुकाबलों से लेकर फाइनल तक खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का परिचय दिया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबलों में जीत दर्ज की और स्वर्ण पदक हासिल किए। खिलाड़ियों की इस सफलता ने यह संदेश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभा विकसित करने की क्षमता मौजूद है।

कोच तुलसी साहू के मार्गदर्शन में मिली सफलता

खिलाड़ियों की इस उपलब्धि के पीछे हॉकी कोच एवं व्यायाम शिक्षिका तुलसी साहू का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें नियमित अभ्यास, अनुशासन और बेहतर तकनीक के साथ तैयार किया। सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों ने सुबह और शाम मैदान पर लगातार अभ्यास किया। उनके कठिन परिश्रम, समर्पण और कोच के मार्गदर्शन का परिणाम प्रतियोगिता में स्वर्ण पदकों के रूप में सामने आया। इस सफलता ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रशिक्षण और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।

सीमित संसाधनों के बावजूद रचा इतिहास

विद्यालय के प्राचार्य श्याम सिंह ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों ने साबित किया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या आधुनिक सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। सीमित खेल संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों ने मेहनत और लगन से राज्य स्तर पर सफलता हासिल की है। उन्होंने खिलाड़ियों और कोच तुलसी साहू के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे विद्यालय और जिले के लिए गौरव का क्षण बताया।

खिलाड़ियों की मेहनत और अनुशासन को मिला सम्मान

कोच तुलसी साहू ने कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत, लगन और अनुशासन का परिणाम है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही दिशा, नियमित प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं और एस्ट्रोटर्फ मैदान के अभाव के बावजूद खिलाड़ियों ने मजबूत इच्छाशक्ति के साथ प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे।

बारगांव और देवरी के खिलाड़ियों की इस स्वर्णिम सफलता पर विद्यालय के समस्त स्टाफ ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। चार स्वर्ण पदकों की यह उपलब्धि बेमेतरा जिले की खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है और आने वाले समय में अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।