दशहरा उत्सव में शामिल हुए खड्ग राज कुमार सिंह, सरोधी और तेली टोला में ग्रामीणों से की आत्मीय मुलाकात

सहसपुर लोहारा क्षेत्र में दशहरा पर्व पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। खड्ग राज कुमार सिंह ने ग्राम सरोधी और तेली टोला पहुंचकर दशहरा उत्सव में सहभागिता की तथा ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने परंपरा, संस्कृति और पूर्वजों से जुड़े रिश्तों को सहेजने के साथ युवाओं से अपनी मिट्टी और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का आह्वान किया।

Oct 19, 2026 - 11:14
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दशहरा उत्सव में शामिल हुए खड्ग राज कुमार सिंह, सरोधी और तेली टोला में ग्रामीणों से की आत्मीय मुलाकात

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा क्षेत्र में दशहरा पर्व पारंपरिक उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर खड्ग राज कुमार सिंह ने ग्राम सरोधी और तेली टोला पहुंचकर दशहरा उत्सव में सहभागिता की। दोनों गांवों में ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर पर्व की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खड्ग राज कुमार सिंह ने कहा कि दशहरा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, संस्कृति और पूर्वजों की विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्योहार हमें सत्य और अच्छाई के मार्ग पर चलने तथा समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने सहसपुर लोहारा राजपरिवार और क्षेत्र के 84 गांवों के बीच पीढ़ियों से चले आ रहे संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि समय और व्यवस्थाएं बदल सकती हैं, लेकिन लोगों के साथ आत्मीय रिश्तों का महत्व हमेशा बना रहता है। पूर्वजों द्वारा स्थापित इन संबंधों को सम्मान देना और आगे बढ़ाना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है।

खड्ग राज कुमार सिंह ने कहा, “रिश्ते पद और व्यवस्था से नहीं, दिल से चलते हैं। हमारे पूर्वजों ने क्षेत्र के लोगों के साथ जो रिश्ता बनाया था, उसे आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने यह भी कहा कि राजा होने का अर्थ केवल सम्मान प्राप्त करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनना और उनकी भावनाओं का सम्मान करना भी है।

दशहरा पर्व के संदेश पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि समाज को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुटता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। क्षेत्र की प्रगति के लिए सभी लोगों का सहयोग और सहभागिता आवश्यक है। सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक विश्वास के माध्यम से ही गांवों और क्षेत्र का समग्र विकास संभव है।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपनी मिट्टी, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा शिक्षा प्राप्त करें, अपने लक्ष्य निर्धारित करें और जीवन में सफलता हासिल करें, लेकिन इस दौरान अपने गांव, बुजुर्गों, देवी-देवताओं और सांस्कृतिक विरासत को कभी न भूलें। अपनी जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ना ही समाज और संस्कृति को मजबूत बनाने का आधार है।

इस अवसर पर खड्ग राज कुमार सिंह ने मां दुर्गा, कुल देवी-देवताओं और पूर्वजों से क्षेत्र में सुख-शांति एवं समृद्धि बनाए रखने की कामना की। उन्होंने किसानों की खुशहाली, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलने और प्रत्येक परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहने की प्रार्थना की।

ग्राम सरोधी में कार्यक्रम में सहभागिता के बाद वे तेली टोला पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ दशहरा उत्सव में भाग लिया और लोगों से भेंट-मुलाकात की। दोनों गांवों में पर्व के दौरान उत्साह, पारंपरिक आस्था और आत्मीयता का माहौल देखने को मिला। दशहरा उत्सव ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और पीढ़ियों से चले आ रहे संबंधों की महत्ता को एक बार फिर रेखांकित किया।