बैगा बच्चों की मौत के मामले में प्रशासन सक्रिय, कुमान गांव पहुंचीं कलेक्टर तुलिका प्रजापति; स्वास्थ्य शिविर का किया निरीक्षण
कबीरधाम जिले के वनांचल ग्राम कुमान में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत और कुपोषण के मामले को लेकर प्रशासन ने स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी तेज कर दी है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर बच्चों की जांच, पोषण, टीकाकरण, घर-घर सर्वे और कमजोर बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराने के निर्देश दिए। साथ ही आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और पेयजल व्यवस्था बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। इससे पहले UNA NEWS ने अपनी विशेष रिपोर्ट में बच्चों की मौत और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l कबीरधाम जिले के वनांचल ग्राम कुमान में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत और कुपोषण से जुड़े मामले को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। बच्चों के स्वास्थ्य और गांव में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने गांव में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण की स्थिति पर निगरानी, टीकाकरण और कमजोर बच्चों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जरूरतमंद बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराने पर विशेष जोर दिया।
UNA NEWS ने पहले उठाया था बच्चों की मौत और स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा
गौरतलब है कि यूनाइटेड न्यूज ऑफ एशिया (UNA NEWS) ने 15 अक्टूबर 2026 को अपनी विशेष रिपोर्ट में नंदनी कुमान गांव में पांच बच्चों की मौत और 15 कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। रिपोर्ट में गांव की स्वास्थ्य व्यवस्था, बच्चों की नियमित जांच और कुपोषण की समय रहते पहचान को लेकर सवाल सामने रखे गए थे। इस रिपोर्ट के माध्यम से वनांचल क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी और जरूरतमंद परिवारों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया गया था।
इससे पहले 28 सितंबर को जिला प्रशासन की प्रेस वार्ता में भी बैगा जनजाति के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत का मुद्दा उठाया गया था। वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना, बच्चों के पोषण की स्थिति की निगरानी करना और गंभीर रूप से कमजोर बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
घर-घर सर्वे और कमजोर बच्चों की पहचान के निर्देश
18 अक्टूबर को कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को घर-घर दोबारा सर्वे कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य गांव में बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करना, कुपोषित एवं कमजोर बच्चों की पहचान करना और जरूरत के अनुसार उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराना है। उन्होंने बच्चों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की सतत निगरानी पर भी जोर दिया।
आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और पेयजल व्यवस्था पर भी जोर
स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ गांव में बुनियादी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए भी निर्देश दिए गए। ग्रामीणों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र बनाने के लिए शिविर आयोजित करने तथा पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त नल कनेक्शन उपलब्ध कराने की बात कही गई। इन प्रयासों से ग्रामीण परिवारों को जरूरी दस्तावेज और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बच्चों के स्वास्थ्य पर आगे भी रहेगी नजर
UNA NEWS की पूर्व रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों के बाद प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण और आवश्यक निर्देश महत्वपूर्ण कदम हैं। हालांकि, बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि चिकित्सकीय जांच और संबंधित विभागों की आधिकारिक रिपोर्ट से ही हो सकेगी। ऐसे में स्वास्थ्य जांच, पोषण की निगरानी, टीकाकरण और जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की कार्रवाई पर आगे भी नजर रखना जरूरी होगा। गांव के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, यह प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।