250 परिवारों के लिए बनेगा जीवनदायिनी, निर्माण कार्य से 3166 मानव दिवस रोजगार का सृजन

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत दर्री के डोंगरी टोला में जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां लगभग 3 हजार स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण कर 24 लाख 30 हजार लीटर जल संग्रहण की क्षमता विकसित की गई है। इस पहल से पानी की समस्या से जूझ रहे लगभग 250 परिवारों को भविष्य में राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही निर्माण कार्य के माध्यम से अब तक 3166 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ है।

Oct 19, 2026 - 11:19
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250 परिवारों के लिए बनेगा जीवनदायिनी, निर्माण कार्य से 3166 मानव दिवस रोजगार का सृजन

UNITED NEWS OF ASIA. अवास कैवर्त, मरवाही l छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत दर्री के डोंगरी टोला में स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य ग्रामीणों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। इस पहल के तहत लगभग 3 हजार कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है, जिनकी कुल जल संग्रहण क्षमता 24 लाख 30 हजार लीटर है। इससे क्षेत्र में वर्षा जल को संरक्षित करने और भूजल स्तर में सुधार लाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पानी की समस्या से जूझ रहे लगभग 250 परिवारों के लिए यह पहल भविष्य में राहत का माध्यम बन सकती है।

वर्षा जल को सहेजने की वैज्ञानिक पहल

डोंगरी टोला का भौगोलिक क्षेत्र पहाड़ी और ढलान वाला होने के कारण बारिश का अधिकांश पानी बहकर निकल जाता है। इससे वर्षा जल का पर्याप्त उपयोग नहीं हो पाता और जमीन में नमी बनाए रखने के साथ भूजल स्तर बढ़ाने की चुनौती बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए वैज्ञानिक पद्धति से सीढ़ीनुमा क्रम में स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इन ट्रेंचों का उद्देश्य बारिश के पानी की गति को नियंत्रित करना, उसे एकत्रित करना और धीरे-धीरे जमीन के भीतर समाहित होने का अवसर देना है। इससे भूजल पुनर्भरण की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है।

24 लाख 30 हजार लीटर पानी संग्रहित करने की क्षमता

निर्मित लगभग 3 हजार कंटूर ट्रेंच की कुल जल संग्रहण क्षमता 24 लाख 30 हजार लीटर है। बारिश के दौरान इन संरचनाओं में पानी एकत्रित होने से आसपास की भूमि में नमी बढ़ने और मिट्टी के कटाव को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही क्षेत्र के कुओं और अन्य जलस्रोतों के संरक्षण में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। भूजल पुनर्भरण की प्रक्रिया बेहतर होने से स्थानीय जल उपलब्धता में सुधार की संभावना है। यह पहल विशेष रूप से उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें गर्मी के मौसम में पानी की कमी का सामना करना पड़ता है।

जल संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर

इस परियोजना की खास बात यह है कि जल संरक्षण के साथ स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में प्रतिदिन लगभग 150 से 160 श्रमिकों को काम मिल रहा है। अब तक इस कार्य के माध्यम से कुल 3166 मानव दिवस रोजगार का सृजन हो चुका है। इससे ग्रामीण परिवारों को अपने गांव के आसपास ही आजीविका का अवसर मिला है। स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्र में श्रम आधारित विकास कार्यों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।

पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की जल सुरक्षा

डोंगरी टोला में कंटूर ट्रेंच निर्माण से जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने की दिशा में भी लाभ मिलने की उम्मीद है। भूमि में नमी बढ़ने से पेड़-पौधों के विकास, मिट्टी के संरक्षण और कृषि गतिविधियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो सकती हैं। हालांकि, इसके वास्तविक दीर्घकालीन परिणाम वर्षा की मात्रा, ट्रेंचों के रखरखाव और भूजल पुनर्भरण की स्थिति पर निर्भर करेंगे। कुल मिलाकर, दर्री पंचायत के डोंगरी टोला में की गई यह पहल जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को एक साथ जोड़ने का प्रयास है। लगभग 250 परिवारों के लिए बेहतर जल उपलब्धता की उम्मीद के साथ यह कार्य क्षेत्र में भविष्य की जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।