कांकेर के FCI गोदाम में प्रतिबंधित फोर्टिफाइड चावल मिलने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग

छत्तीसगढ़ के कांकेर स्थित भारतीय खाद्य निगम (FCI) गोदाम में प्रतिबंधित फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) मिलने के मामले पर कांग्रेस ने गंभीर चिंता जताई है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने चावल की आपूर्ति, भंडारण और वितरण की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा प्रदेशभर की राशन दुकानों से चावल के नमूने लेकर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।

Oct 15, 2026 - 12:46
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कांकेर के FCI गोदाम में प्रतिबंधित फोर्टिफाइड चावल मिलने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. कांकेर l छत्तीसगढ़ के कांकेर स्थित भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम में प्रतिबंधित फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) मिलने के मामले ने सरकारी राशन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने इस मामले को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए राज्य सरकार से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छत्तीसगढ़ में इस चावल के उपयोग पर प्रतिबंध है, तो यह सरकारी गोदाम तक कैसे पहुंचा, इसकी आपूर्ति किसके आदेश पर हुई और भंडारण के दौरान इसकी निगरानी किसने की? कांग्रेस ने कहा कि गरीब परिवारों को वितरित किए जाने वाले राशन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण के दौरान चावल की कमी, घटिया गुणवत्ता तथा सड़े और बदबूदार चावल मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। दो महीने का राशन एकमुश्त वितरित किए जाने के दौरान भी उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ने की बात कही गई है। ऐसे में कांकेर के FCI गोदाम में प्रतिबंधित FRK मिलने से यह आशंका पैदा होती है कि कहीं संदिग्ध गुणवत्ता वाला चावल राशन दुकानों के माध्यम से हितग्राहियों तक तो नहीं पहुंचा। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार इस आशंका को दूर करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि चावल की आपूर्ति, भंडारण और वितरण में सामने आ रही शिकायतें सरकारी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में गरीबों के राशन को लेकर बार-बार शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने चावल की गुणवत्ता में कथित गड़बड़ियों का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती रमन सरकार के कार्यकाल के बहुचर्चित नान घोटाले का भी जिक्र किया और राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।

धनंजय सिंह ठाकुर ने मांग की कि कांकेर FCI गोदाम में मिले FRK को तत्काल जब्त कर उसके स्रोत, आपूर्ति और संभावित उपयोग की जांच कराई जाए। प्रदेशभर के सरकारी गोदामों और राशन दुकानों में उपलब्ध चावल के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जाए। जांच में प्रतिबंधित या निर्धारित मानकों के विपरीत चावल पाए जाने पर उसके वितरण पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

कांग्रेस ने कहा कि यदि जांच में गरीब परिवारों को संदिग्ध या घटिया गुणवत्ता वाला चावल वितरित किए जाने की पुष्टि होती है, तो प्रभावित राशन को वापस लेकर पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण चावल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। पार्टी के अनुसार, सरकारी राशन अनेक गरीब परिवारों के जीवनयापन का महत्वपूर्ण सहारा है, इसलिए उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।