कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा प्रस्ताव: अदालतों में पान, गुटखा और सिगरेट पर लगेगी रोक? मेटल डिटेक्टर से जांच की भी तैयारी

पश्चिम बंगाल की अदालतों में अनुशासन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने अहम प्रस्ताव रखे हैं। मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुघे ने राज्य के सभी जिला न्यायाधीशों को पत्र भेजकर अदालत परिसरों में पान, गुटखा और सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने तथा वकीलों सहित सभी लोगों की मेटल डिटेक्टर से जांच कराने की पहल की है। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।

Oct 13, 2026 - 11:38
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कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा प्रस्ताव: अदालतों में पान, गुटखा और सिगरेट पर लगेगी रोक? मेटल डिटेक्टर से जांच की भी तैयारी

UNITED NEWS OF ASIA. पश्चिम बंगाल की अदालतों में सुरक्षा, अनुशासन और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण पहल की है। हाईकोर्ट ने राज्य की सभी जिला अदालतों सहित हाईकोर्ट परिसर में पान, गुटखा और सिगरेट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही अदालत परिसर में प्रवेश करने वाले सभी लोगों, वकीलों सहित, की मेटल डिटेक्टर से जांच अनिवार्य करने पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इन प्रस्तावों को लागू करने के संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

मुख्य न्यायाधीश ने जिला न्यायाधीशों को भेजा पत्र

इस संबंध में कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुघे ने पश्चिम बंगाल के सभी जिला न्यायाधीशों को पत्र भेजा है। इसमें अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने का प्रस्ताव शामिल है। अदालतों में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य बताया गया है।

मेटल डिटेक्टर से जांच का प्रस्ताव

अदालत परिसरों में सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रवेश के दौरान मेटल डिटेक्टर से जांच की व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, अदालत परिसर में आने वाले सभी लोगों, जिनमें वकील भी शामिल हैं, की जांच अनिवार्य की जा सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा संबंधी जोखिमों को कम करना और न्यायालय परिसर में सुरक्षित वातावरण बनाए रखना है। हालांकि, जांच की प्रक्रिया और इसे लागू करने के तरीके को लेकर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।

पान, गुटखा और सिगरेट पर प्रतिबंध की पहल

सुरक्षा के साथ-साथ अदालत परिसर में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के लिए पान, गुटखा और सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो पश्चिम बंगाल की अदालतों में इन उत्पादों के इस्तेमाल पर रोक लग सकती है। इस कदम से परिसर को साफ-सुथरा रखने और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान से जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

धूम्रपान क्षेत्र बनाने का भी सुझाव

मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार को बरुईपुर अदालत में एक वकील पर हुए हमले से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान इन प्रस्तावों की जानकारी दी। इसी दौरान कुछ वकीलों ने धूम्रपान पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के विकल्प के तौर पर अदालत परिसर में अलग धूम्रपान क्षेत्र बनाने का सुझाव दिया। इस सुझाव पर क्या निर्णय लिया जाएगा, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

अंतिम फैसले का इंतजार

कलकत्ता हाईकोर्ट की इस पहल का उद्देश्य अदालतों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने, अनुशासन कायम रखने और स्वच्छता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाना है। मुख्य न्यायाधीश द्वारा जिला न्यायाधीशों को पत्र भेजे जाने के बाद अब प्रस्तावों पर आगे की प्रक्रिया और अंतिम निर्णय का इंतजार है। फिलहाल पान, गुटखा और सिगरेट पर प्रतिबंध तथा मेटल डिटेक्टर से जांच को प्रस्ताव के रूप में ही देखा जाना चाहिए; इन्हें लागू करने का अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।