रीढ़ की सेहत उम्र भर के लिए: छोटी आदतें जो सालों तक आपकी पीठ को सुरक्षित रखती हैं

रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के लिए रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना, गलत तरीके से भारी सामान उठाना, कमजोर मांसपेशियां, बढ़ता वजन और धूम्रपान पीठ दर्द की समस्या बढ़ा सकते हैं। एमएमआई नारायणा अस्पताल, रायपुर के कंसल्टेंट न्यूरोसर्जरी डॉ. घनश्याम बिसन ससापरधी के अनुसार, नियमित शारीरिक गतिविधि, कोर मांसपेशियों को मजबूत करना, सही तरीके से सोना और शरीर के संकेतों को समझना रीढ़ की सेहत बनाए रखने में मददगार है। लगातार दर्द, पैरों में सुन्नपन या कमजोरी होने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

Oct 15, 2026 - 13:43
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रीढ़ की सेहत उम्र भर के लिए: छोटी आदतें जो सालों तक आपकी पीठ को सुरक्षित रखती हैं

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रीढ़ की हड्डी हमारे शरीर को सहारा देने, चलने-फिरने और दैनिक गतिविधियां करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके बावजूद अक्सर लोग तब तक इसकी सेहत पर ध्यान नहीं देते, जब तक पीठ या कमर में दर्द की समस्या गंभीर नहीं हो जाती। एमएमआई नारायणा अस्पताल, रायपुर के कंसल्टेंट न्यूरोसर्जरी डॉ. घनश्याम बिसन ससापरधी के अनुसार, रीढ़ की समस्याएं कई बार रोजमर्रा की गलत आदतों और लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने से बढ़ सकती हैं। अच्छी बात यह है कि नियमित दिनचर्या में कुछ छोटे बदलाव करके रीढ़ को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।

रीढ़ को स्वस्थ रखने के लिए सक्रिय रहना जरूरी

रीढ़ की हड्डी को चलने-फिरने और शरीर की गतिविधियों के अनुरूप काम करने के लिए बनाया गया है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से पीठ और गर्दन पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए कार्यालय में काम करने वाले लोगों को हर 30 से 45 मिनट में अपनी स्थिति बदलनी चाहिए। बीच-बीच में खड़े होना, थोड़ा टहलना और पानी पीने के लिए उठना उपयोगी आदतें हैं। कंप्यूटर की स्क्रीन और मोबाइल फोन को आंखों की सीध में रखने से गर्दन को लगातार झुकाकर रखने की जरूरत कम होती है। कंधों को हल्के से पीछे घुमाना और कुछ देर दूर देखना भी लंबे समय तक स्क्रीन के सामने काम करने वालों के लिए मददगार हो सकता है।

कोर मांसपेशियों को मजबूत बनाएं

पेट, पीठ और कूल्हों की मांसपेशियां रीढ़ को सहारा देने में अहम भूमिका निभाती हैं। इन मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए नियमित व्यायाम करना चाहिए। प्लैंक, ब्रिज और स्क्वैट जैसे व्यायाम उपयोगी हो सकते हैं। शुरुआत अपनी क्षमता के अनुसार करनी चाहिए और व्यायाम के दौरान सही तकनीक का ध्यान रखना चाहिए। नियमित शारीरिक गतिविधि से शरीर की मजबूती और गतिशीलता बनाए रखने में सहायता मिलती है।

भारी सामान उठाते समय बरतें सावधानी

भारी सामान उठाने का गलत तरीका पीठ पर अनावश्यक दबाव डाल सकता है। सामान उठाते समय घुटनों को मोड़कर नीचे झुकें, वस्तु को शरीर के करीब रखें और नियंत्रित तरीके से ऊपर उठें। अचानक झटका देने या कमर को मोड़कर वजन उठाने से बचें। सामान बहुत भारी हो तो किसी अन्य व्यक्ति की सहायता लेना बेहतर है।

नींद, वजन और खानपान पर दें ध्यान

सोने की स्थिति भी पीठ के आराम को प्रभावित कर सकती है। करवट लेकर सोते समय घुटनों के बीच तकिया रखने और पीठ के बल सोते समय घुटनों के नीचे सहारा देने से कुछ लोगों को आराम मिल सकता है। संतुलित खानपान, नियमित गतिविधि और स्वस्थ वजन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। धूम्रपान से बचना चाहिए, क्योंकि निकोटीन रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकता है और रीढ़ की डिस्क के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।

पीठ दर्द को नजरअंदाज न करें

सामान्य पीठ दर्द में सुधार हो सकता है, लेकिन दर्द लंबे समय तक बना रहे तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। यदि दर्द कमर से पैर तक फैल रहा हो या पैरों में सुन्नपन और कमजोरी महसूस हो, तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करें। चोट या हादसे के बाद तेज दर्द होने पर भी जांच कराना आवश्यक है। पेशाब या मल पर नियंत्रण में परेशानी अथवा जांघों के बीच के हिस्से में सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लें।

रीढ़ की देखभाल है भविष्य के लिए निवेश

ढ़ को स्वस्थ रखने के लिए किसी जटिल दिनचर्या की जरूरत नहीं है। नियमित रूप से चलना-फिरना, बीच-बीच में बैठने की स्थिति बदलना, मांसपेशियों को मजबूत करना, सही तरीके से वजन उठाना और पर्याप्त आराम करना महत्वपूर्ण है। शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए। छोटी-छोटी आदतों में नियमित सुधार पीठ के आराम, बेहतर गतिशीलता और लंबे समय तक आत्मनिर्भर जीवन बनाए रखने में मदद कर सकता है।