आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने पर आदिवासी कांग्रेस का विरोध, कुलदीप ध्रुव ने की निर्णय वापस लेने की मांग

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किए जाने के निर्णय पर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस ने विरोध जताया है। संगठन महासचिव कुलदीप ध्रुव ने सरकार से निर्णय वापस लेने और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से व्यापक संवाद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अस्मिता का सम्मान करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, वनाधिकार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

Oct 15, 2026 - 13:48
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आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने पर आदिवासी कांग्रेस का विरोध, कुलदीप ध्रुव ने की निर्णय वापस लेने की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किए जाने के निर्णय पर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के संगठन महासचिव कुलदीप ध्रुव ने इस फैसले पर पुनर्विचार करने और विभाग का पूर्व नाम बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर निर्णय लेते समय समाज की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

कुलदीप ध्रुव ने कहा कि आदिवासी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की संस्कृति, परंपरा, इतिहास और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली का प्रतीक है। इस शब्द के साथ समाज की पहचान, अस्मिता और स्वाभिमान जुड़ा हुआ है। इसलिए विभाग के नाम में बदलाव को केवल प्रशासनिक प्रक्रिया मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर निर्णय लेने से पहले आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान यहां के आदिवासी समाज, उसकी समृद्ध संस्कृति और जल, जंगल तथा जमीन से जुड़े ऐतिहासिक अधिकारों से है। सरकार को इन विषयों पर प्राथमिकता से काम करना चाहिए। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्रावासों की बेहतर व्यवस्था, युवाओं के लिए रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल, सड़क, बिजली और वनाधिकारों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना आवश्यक है।

कुलदीप ध्रुव ने सवाल उठाया कि जब आदिवासी समाज आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विस्थापन, वनाधिकार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब सरकार की प्राथमिकता नाम बदलने के बजाय इन समस्याओं का ठोस समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को वास्तविक विकास, सम्मान और अधिकार चाहिए, केवल शब्दों में बदलाव नहीं।

उन्होंने राज्य सरकार से विभाग के नाम परिवर्तन के निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने, आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित करने तथा भाषा, संस्कृति, परंपरा, पहचान और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। साथ ही आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, सड़क, छात्रावास और वनाधिकार से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने की अपील की।

कुलदीप ध्रुव ने कहा कि आदिवासी समाज की अस्मिता उसकी पहचान और स्वाभिमान का आधार है। सरकार को समाज की भावनाओं की अनदेखी करने के बजाय उसके वास्तविक विकास और अधिकारों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश आदिवासी कांग्रेस आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।