कबीरधाम में जी राम जी योजना ने पकड़ी रफ्तार, 442 ग्राम पंचायतों में 977 कार्य शुरू, 41 हजार से अधिक ग्रामीणों को रोजगार

कबीरधाम जिले में विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। जिले की 442 ग्राम पंचायतों में 977 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें 41,945 ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत श्रमिकों को प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी दी जा रही है। एक जुलाई 2026 से अब तक 3,68,753 मानव दिवस का रोजगार सृजित होने की जानकारी दी गई है।

Oct 27, 2026 - 07:51
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कबीरधाम में जी राम जी योजना ने पकड़ी रफ्तार, 442 ग्राम पंचायतों में 977 कार्य शुरू, 41 हजार से अधिक ग्रामीणों को रोजगार

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने और गांवों के विकास को गति देने के उद्देश्य से संचालित विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण, जिसे जी राम जी योजना के नाम से जाना जा रहा है, के अंतर्गत निर्माण कार्यों में तेजी आई है। जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जिले की 442 ग्राम पंचायतों में कुल 977 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों के माध्यम से वर्तमान में 41 हजार 945 ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

कबीरधाम कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देशानुसार जिला पंचायत द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर श्रम आधारित निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए हैं। योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनके गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि रोजगार की तलाश में दूसरे स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम हो और स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन विकसित किए जा सकें।

जिला प्रशासन के अनुसार, योजना के तहत ग्रामीणों की मांग के आधार पर विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य शुरू किए जा रहे हैं। इनमें नए तालाबों का निर्माण, पुराने तालाबों का गहरीकरण, डबरी निर्माण, आजीविका डबरी, कंटूर ट्रेंच निर्माण, बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड और कच्ची नालियों के निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। इन गतिविधियों से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी हो रहा है।

जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि योजना के प्रारंभ होने की तिथि एक जुलाई 2026 से अब तक जिले में कुल 3 लाख 68 हजार 753 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत निर्धारित कार्य पूरा करने वाले श्रमिकों को प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। वर्तमान में 442 ग्राम पंचायतों में निर्माण गतिविधियां संचालित हैं और कार्यरत श्रमिकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों की उपस्थिति एनएमएमएस प्रणाली के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा दर्ज की जा रही है। इसका उद्देश्य श्रमिकों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और रोजगार संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और जल संचय को बढ़ावा देना भी योजना की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण और कंटूर ट्रेंच जैसे कार्यों से वर्षा जल के संरक्षण में सहायता मिलने की उम्मीद है। वहीं आजीविका डबरी, निजी डबरी और पशु शेड निर्माण जैसे कार्य ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आजीविका के अवसर विकसित करने में सहायक हो सकते हैं।

निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने हाल ही में मैदानी कर्मचारियों की बैठक लेकर अधिक से अधिक ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के पालन में संबंधित कर्मचारी लगातार ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर रहे हैं और ग्रामीणों की मांग के अनुसार नए कार्य प्रारंभ कराने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने गांव में रोजगार की मांग कर योजना का लाभ उठाएं। प्रशासन का कहना है कि इस पहल से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने, स्थानीय रोजगार बढ़ाने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने में सहायता मिलेगी।