रायपुर में ABVP का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों की हुंकार, शालिनी वर्मा ने वैचारिक अराजकता के खिलाफ खोला मोर्चा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ अभियान के तहत विद्यार्थी हुंकार प्रदर्शन किया। संगठन के अनुसार, सप्रे मैदान से जनसंपर्क कार्यालय तक निकाली गई रैली में तीन हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य शालिनी वर्मा ने वैचारिक अराजकता और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने के कथित प्रयासों की आलोचना की। वहीं, प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का आह्वान किया।

Oct 27, 2026 - 07:36
 0  2
रायपुर में ABVP का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों की हुंकार, शालिनी वर्मा ने वैचारिक अराजकता के खिलाफ खोला मोर्चा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ अभियान के तहत बड़ा विद्यार्थी हुंकार प्रदर्शन किया। सप्रे मैदान से जनसंपर्क कार्यालय तक आयोजित इस रैली में संगठन के दावे के अनुसार तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान और देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने का संदेश दिया गया।

इस प्रदर्शन में अभाविप की पूर्व राष्ट्रीय मंत्री एवं केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य शालिनी वर्मा और छत्तीसगढ़ प्रांत मंत्री अनंत सोनी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने रैली के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने और राजनीतिक मतभेदों का समाधान संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत करने की अपील की। संगठन ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति का अधिकार सभी नागरिकों को है, लेकिन विरोध के नाम पर अराजकता फैलाना उचित नहीं है।

अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य शालिनी वर्मा ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वैचारिक अराजकता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती से लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान का स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है। लोकतंत्र में विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन भ्रामक प्रचार और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने के प्रयास स्वीकार्य नहीं होने चाहिए।

शालिनी वर्मा ने NEET, SIR और संविधान जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विषयों की आड़ में यदि देशविरोधी विचारों का महिमामंडन किया जाएगा, तो युवा उसका वैचारिक जवाब देंगे। उन्होंने संविधान की रक्षा का नारा लगाने वालों से पहले संविधान को समझने और उसकी मर्यादाओं का पालन करने की अपील की।

प्रेस विज्ञप्ति के शीर्षक में शालिनी वर्मा के हवाले से नेहा, अभिजीत और राहुल को लेकर अत्यंत गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में विज्ञप्ति में कोई स्वतंत्र प्रमाण या न्यायिक निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिए इन्हें प्रमाणित तथ्य के बजाय राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

शालिनी वर्मा ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष की तरह वैचारिक अराजकता का भी लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण की विचारधारा के साथ जुड़ने और संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करने का आह्वान किया।

अभाविप के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने भी प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के कथित प्रयासों का युवा शक्ति लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से विरोध करेगी। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और राष्ट्र के प्रति निष्ठा को महत्वपूर्ण बताया।

अनंत सोनी ने कहा कि तिरंगा हाथ में लेने मात्र से राष्ट्रभक्ति सिद्ध नहीं होती, बल्कि व्यक्ति के विचार और आचरण भी महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का अर्थ अराजकता फैलाने की छूट नहीं है। यदि कोई व्यक्ति या संगठन गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसकी जवाबदेही कानून के अनुसार तय होनी चाहिए।

अभाविप ने अपने संदेश में कहा कि भारत का लोकतंत्र जनता के विश्वास, मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर आधारित है। राजनीतिक और वैचारिक मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन उनका समाधान कानून और संविधान के दायरे में किया जाना चाहिए।

रैली के समापन अवसर पर आयोजित खुले मंच में शालिनी वर्मा, अनंत सोनी, प्रदेश सह मंत्री हेमांशु कौशिक, प्रथम फूटाने, रायपुर महानगर मंत्री सजल गुप्ता और रायपुर महानगर छात्रा प्रमुख हर्षित कौर सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।