क्राइम मीटिंग में थाना एवं चौकीवार लंबित अपराध, चालान, मर्ग, शिकायत तथा लंबे समय से लंबित विवेचना प्रकरणों की समीक्षा की गई। 60 एवं 90 दिवस से अधिक समय से लंबित मामलों को विशेष प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गंभीर मामलों में अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई।
बैठक में धारा 173(8) दप्रसं एवं धारा 193(9) BNSS के तहत लंबित विवेचना, नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ICJS पोर्टल पर प्रकरणों की एंट्री और अद्यतन जानकारी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल मामला दर्ज करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। अपराधियों की पहचान, गिरफ्तारी, प्रभावी विवेचना और प्रकरण के अंतिम निराकरण तक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
चोरी, हत्या, लूट, महिला एवं बाल अपराध सहित गंभीर मामलों में त्वरित और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। थाना क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग, संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर निगरानी, अपराध संभावित क्षेत्रों की पहचान और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। आमजन से प्राप्त शिकायतों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश पुलिस अधीक्षक ने दिए।
क्राइम मीटिंग में थाना पांडातराई, कुकदूर, पिपरिया, चिल्फी, साइबर थाना, सहसपुर लोहारा और चौकी पोड़ी की पुलिस टीमों द्वारा अपराध निराकरण, चोरी, हत्या तथा अन्य महत्वपूर्ण मामलों में किए गए बेहतर कार्य की पुलिस अधीक्षक ने सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट पुलिसिंग करने वाले अधिकारी और कर्मचारी अन्य पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
इसी क्रम में पुलिस विभाग में बेहतर कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक माह “कॉप्स ऑफ द मंथ” के तहत अपराध नियंत्रण, उत्कृष्ट विवेचना, त्वरित अपराध निराकरण, कानून-व्यवस्था और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में जिले की वर्तमान कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। आगामी आयोजनों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर पहले से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। किसी भी कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल, उप पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आशीष शुक्ला, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बोडला अखिलेश कौशिक, उप पुलिस अधीक्षक प्रमिला मंडावी, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया भूपत सिंह सहित जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।