अभियान के तहत उप पुलिस अधीक्षक प्रशांत देवांगन ने वनांचल क्षेत्र के ग्राम समनापुर में स्कूली छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी दी। वहीं थाना पिपरिया पुलिस ने ग्राम इंदौरी बाजार और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बिरकोना में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। चौकी दशरंगपुर पुलिस ने लीटीपुर, नवागांव और खंडसरा में लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। थाना कंडा पुलिस ने सेन्हाभाटा और डबरी, जबकि थाना भोरमदेव पुलिस ने चिखली और कोडार में अभियान चलाया। चौकी बैजलपुर पुलिस टीम ने कामाडबरी, कोरवा बस्ती डंगचुआ और जोगीपानी में ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचने की जानकारी दी।
इसी क्रम में चौकी पोड़ी पुलिस ने नेउरगांव खुर्द, सिलहाटी, ड्रीवा, पारा पोड़ी और स्वामी आत्मानंद स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम किए। थाना लोहारा पुलिस ने रेंगाखार तिराहा, बाम्हनटोला और दनिया खुर्द स्कूल में लोगों और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों की जानकारी दी। थाना पंडरिया पुलिस ने मोहतरा, सवंतपुर, सिरमाडबरी और तेंदुवाही में अभियान चलाया, जबकि थाना कुकदूर पुलिस ने अगरपानी और नवापारा में ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बताईं।
इसके अलावा थाना पांडातराई पुलिस ने अपने थाना क्षेत्र में, चौकी बाजार चारभाठा पुलिस ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में और महिला थाना पुलिस ने महिला थाना परिसर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। थाना रेंगाखार पुलिस टीम ने तितरी, रामपुर, सिवनी, सूतिया और कोसाटोला में पहुंचकर लोगों को जागरूक किया। थाना झलमला पुलिस टीम ने वनांचल क्षेत्र में ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की समझाइश दी।
जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान पुलिस टीमों ने नागरिकों को विशेष रूप से OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग कई बार बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सरकारी विभाग या किसी प्रतिष्ठित संस्था का प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते हैं और विभिन्न बहानों से गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे फोन या संदेशों की वास्तविकता जांचे बिना किसी तरह की जानकारी साझा नहीं करने की अपील की गई।
पुलिस ने फर्जी KYC अपडेट, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन नौकरी, लोन, निवेश, इनाम या लॉटरी, बिजली बिल, फर्जी कस्टमर केयर और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी के बारे में भी लोगों को जानकारी दी। नागरिकों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और अज्ञात स्रोत से प्राप्त APK या संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी गई। पुलिस ने समझाया कि किसी संदिग्ध लिंक या एप के माध्यम से व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी गलत हाथों में जा सकती है।
विद्यार्थियों और युवाओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करने से बचना चाहिए। ऑनलाइन खातों की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने और डिजिटल लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। महिलाओं और ग्रामीणों को भी ऑनलाइन ठगी के सामान्य तरीकों के बारे में जानकारी देकर सतर्क रहने की अपील की गई।
कबीरधाम पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोगों से बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील की है। इसके साथ ही संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को भी तत्काल सूचना देने की सलाह दी गई है। पुलिस के अनुसार वित्तीय धोखाधड़ी की जानकारी जितनी जल्दी संबंधित एजेंसियों तक पहुंचती है, ठगी गई राशि को रोकने की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है।
कबीरधाम पुलिस का साइबर जागृति अभियान गांवों और स्कूलों तक पहुंचाकर डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों से बचाव में तकनीकी सावधानी के साथ जागरूकता भी बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक से बचने और ऑनलाइन गतिविधियों में सतर्क रहने से कई तरह की साइबर ठगी से बचा जा सकता है। पुलिस ने आमजन से सतर्क रहने और साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने की अपील की है।