कबीरधाम में ‘एक थाना–एक सप्ताह’ पहल, पिपरिया थाना बना पुलिस अधीक्षक कार्यालय

कबीरधाम जिले में पुलिसिंग को जनसुलभ और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘एक थाना–एक सप्ताह’ पहल के तहत 17 सितंबर को थाना पिपरिया को एक दिन के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के रूप में संचालित किया गया। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने जनप्रतिनिधियों, फरियादियों, महिलाओं, विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों से सीधा संवाद कर स्थानीय समस्याओं और शिकायतों की जानकारी ली। जुआ-सट्टा, अवैध शराब और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही थाना पिपरिया की पुलिसिंग और पुलिसकर्मियों की समस्याओं की समीक्षा की गई।

Sep 18, 2026 - 08:35
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कबीरधाम में ‘एक थाना–एक सप्ताह’ पहल, पिपरिया थाना बना पुलिस अधीक्षक कार्यालय

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में पुलिस और आमजन के बीच सीधा संवाद बढ़ाने तथा पुलिसिंग को अधिक जनसुलभ, संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘एक थाना–एक सप्ताह’ पहल के तहत 17 सितंबर 2026 को थाना पिपरिया को एक दिन के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के रूप में संचालित किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव स्वयं थाना पिपरिया में मौजूद रहे। उनके साथ उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आशिष शुक्ला और थाना प्रभारी पिपरिया निरीक्षक नितिन तिवारी भी उपस्थित रहे।

पहल के दौरान थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, फरियादियों, महिलाओं, विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों से पुलिस अधीक्षक ने सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों से स्थानीय समस्याओं, शिकायतों, सुझावों और पुलिसिंग से संबंधित आवश्यकताओं की जानकारी ली। सामने आए मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इस दौरान आमजन को अपनी समस्याएं स्थानीय स्तर पर सीधे पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखने का अवसर मिला।

जनसुनवाई के दौरान जुआ-सट्टा और अवैध शराब से संबंधित शिकायतों को भी प्रमुखता से सुना गया। विभिन्न गांवों से सामने आई ऐसी शिकायतों और स्थानीय समस्याओं के संबंध में पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए सतत निगरानी तथा प्रभावी पुलिसिंग पर भी जोर दिया गया।

पुलिस अधीक्षक ने जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों से पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर फीडबैक भी लिया। महिलाओं, पुरुषों और छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं तथा सुझावों को समझने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं को बेहतर तरीके से समझने और उनका प्रभावी निराकरण करने के लिए पुलिस और जनता के बीच निरंतर संवाद जरूरी है। आमजन की सहभागिता से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनाया जा सकता है।

थाना पिपरिया में पुलिस अधीक्षक ने थाना स्तर की पुलिसिंग और कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों और अन्य महत्वपूर्ण पुलिसिंग से जुड़े विषयों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। थाना स्तर पर कार्यप्रणाली में प्रभावी कसावट बनाए रखने और क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना पिपरिया में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों से भी सीधे संवाद किया। उन्होंने उनके विभागीय और कार्य संबंधी विषयों के साथ-साथ आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली। समयबद्ध तरीके से समस्याओं के निराकरण और सकारात्मक कार्य वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बेहतर कार्य वातावरण पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को अधिक समर्पण और संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा करने में मदद करता है।

‘एक थाना–एक सप्ताह’ पहल के तहत थाना पिपरिया तीसरा थाना है, जहां पुलिस अधीक्षक ने स्वयं पहुंचकर एक दिन के लिए कार्यालय संचालित किया। इससे पहले थाना सहसपुर लोहारा और थाना कुण्डा में यह पहल संचालित की जा चुकी है। इस पहल का उद्देश्य पुलिस अधीक्षक कार्यालय को आमजन के करीब ले जाना, थाना स्तर की पुलिसिंग की समीक्षा करना, स्थानीय समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना और पुलिस कर्मचारियों की समस्याओं को सुनना है।

आने वाले सप्ताह में थाना पंडरिया में भी पुलिस अधीक्षक का कार्यालय एक दिन के लिए संचालित किया जाएगा। पहल के माध्यम से जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पहुंचकर जनसुनवाई, स्थानीय समस्याओं के निराकरण, कानून-व्यवस्था की समीक्षा और पुलिसकर्मियों से संवाद को प्राथमिकता दी जाएगी। कबीरधाम पुलिस के अनुसार, इसका उद्देश्य ‘पुलिस जनता के बीच और जनता पुलिस के करीब’ की भावना को मजबूत करना और पुलिस-जनता के बीच विश्वास एवं समन्वय को बढ़ाना है।