कबीरधाम में शुरू होगी ‘मैं एआई जागरूक हूं’ पहल, गांवों में बढ़ेगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की समझ

कबीरधाम में सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता और व्यावहारिक इस्तेमाल को लेकर ‘मैं एआई जागरूक हूं’ अभियान शुरू करने की पहल की जा रही है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर समय-सीमा की बैठक में अभियान को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया गया। ग्राम समनापुर के सामुदायिक भवन के सौंदर्यीकरण में एआई के संभावित उपयोग का उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया। प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को एआई के सुरक्षित, जिम्मेदार और उपयोगी प्रयोग की जानकारी देकर डिजिटल जागरूकता बढ़ाना है।

Sep 29, 2026 - 18:29
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कबीरधाम में शुरू होगी ‘मैं एआई जागरूक हूं’ पहल, गांवों में बढ़ेगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की समझ

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l डिजिटल तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब कबीरधाम के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के उपयोग और उसकी संभावनाओं को समझाने की दिशा में पहल की जा रही है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘मैं एआई जागरूक हूं’ अभियान शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

इसी सिलसिले में जिला कार्यालय में आयोजित समय-सीमा की बैठक में ‘मैं एआई जागरूक हूं’ अभियान को लेकर प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में कलेक्टर तुलिका प्रजापति, जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, रामप्रसाद आंचला सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

सामुदायिक भवन के सौंदर्यीकरण में एआई का उपयोग

बैठक के दौरान ईई आरईएस सुरेन्द्र पटेल ने एआई के व्यावहारिक इस्तेमाल का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि ग्राम समनापुर के पटेलपारा स्थित सामुदायिक भवन को आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में एआई तकनीक की सहायता ली जा रही है।

एआई के माध्यम से भवन के स्वरूप, सौंदर्यीकरण और संभावित डिजाइन से जुड़े नए विचारों को देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए सामुदायिक भवन को अधिक आकर्षक और उपयोगी बनाने की संभावनाओं पर काम करना है।

इस उदाहरण के जरिए ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों की योजना में तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाओं को सामने रखा गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों और उनसे जुड़े कार्यों की बेहतर योजना बनाने में भी एआई के संभावित उपयोग की जानकारी दी गई।

एआई आधारित तकनीक के जरिए हितग्राही अपने आवास के संभावित स्वरूप, उपयोगी सुविधाओं और विभिन्न डिजाइन विकल्पों को समझ सकते हैं। इससे निर्माण से पहले उपलब्ध विकल्पों को देखने और योजना बनाने में सहायता मिल सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी तकनीकी जागरूकता

जिला प्रशासन का उद्देश्य एआई को केवल आधुनिक तकनीक के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय आम नागरिकों के लिए इसके उपयोगी पहलुओं को समझाना है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में एआई के सुरक्षित, जिम्मेदार और उपयोगी इस्तेमाल की जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है।

‘मैं एआई जागरूक हूं’ अभियान के माध्यम से सेवा संकल्प अभियान में तकनीकी जागरूकता और जनसशक्तिकरण को जोड़ने की पहल की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि बदलते डिजिटल दौर में ग्रामीण नागरिकों को नई तकनीकों की जानकारी देना डिजिटल जागरूकता बढ़ाने की दिशा में उपयोगी हो सकता है।

जिला प्रशासन द्वारा एआई के ऐसे व्यावहारिक उदाहरणों को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिनका उपयोग स्थानीय स्तर पर विकास और जनसेवाओं से जुड़े कार्यों में किया जा सके। समनापुर के सामुदायिक भवन से शुरू हुई यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में एआई की संभावनाओं को समझने का एक उदाहरण बनकर सामने आई है।