जानकारी के मुताबिक 26 सितंबर को झारखंड के जमशेदपुर स्थित सोनारी थाना क्षेत्र में बिंदल मॉल के पास एक रेस्टोरेंट में बैठे चार युवकों पर फायरिंग की घटना हुई थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान बदमाशों ने करीब 10 से 15 राउंड गोलियां चलाईं। फायरिंग में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की जांच में जुटी झारखंड पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और संदिग्धों के भागने के संभावित रास्तों की जानकारी जुटाई। इसके बाद दूसरे राज्यों की पुलिस को भी संदिग्धों के संबंध में सूचना दी गई।
इसी क्रम में अंबिकापुर पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। 27 सितंबर की देर शाम मणिपुर थाना क्षेत्र में लगाए गए एक चेकिंग प्वाइंट पर पुलिस ने आर्टिगा कार को रोककर उसमें सवार चार संदिग्धों को पकड़ा।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर पुलिस को शक है कि पकड़े गए चारों संदिग्ध जमशेदपुर गोलीकांड से जुड़े हो सकते हैं। इसके बाद अंबिकापुर पुलिस ने तत्काल झारखंड पुलिस को इसकी सूचना दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद झारखंड पुलिस की टीम अंबिकापुर पहुंच गई।
फिलहाल चारों संदिग्धों का मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है। मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें झारखंड पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके बाद झारखंड पुलिस की पूछताछ में जमशेदपुर फायरिंग मामले में उनकी कथित भूमिका और घटना के पीछे की वजह से जुड़े पहलुओं की जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि फायरिंग की घटना में पकड़े गए संदिग्धों की क्या भूमिका थी और वारदात को अंजाम देने के पीछे क्या कारण था। फिलहाल अंबिकापुर पुलिस और झारखंड पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की आगे की जांच झारखंड में की जाएगी।