जामड़ी पाटेश्वर धाम में 8 अगस्त को लगेगा भक्तों का मेला, सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ और वृक्षारोपण का होगा आयोजन

रायपुर स्थित जामड़ी पाटेश्वर धाम में 8 अगस्त को बाल योगेश्वर संत रामबालक दास के 50वें जन्मदिवस पर भव्य धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन होगा। इस अवसर पर सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ, “एक पेड़ मां कौशल्या के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

Aug 7, 2026 - 16:34
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जामड़ी पाटेश्वर धाम में 8 अगस्त को लगेगा भक्तों का मेला, सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ और वृक्षारोपण का होगा आयोजन

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर l रायपुर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं आस्था के केंद्र श्री जामड़ी पाटेश्वर धाम में 8 अगस्त को बाल योगेश्वर संत रामबालक दास के 50वें जन्मदिवस के अवसर पर भव्य धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन किया जाएगा। आयोजन के तहत सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ, वृक्षारोपण अभियान और विशाल भंडारे का आयोजन होगा। इस विशेष अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

आयोजकों के अनुसार इस अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ में सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का संकल्प लिया गया है। इसका उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। श्रद्धालु सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना करेंगे।

धार्मिक आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। संत रामबालक दास ने “एक पेड़ मां कौशल्या के नाम” अभियान के तहत अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की है। अभियान का उद्देश्य लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करना और हर व्यक्ति को पर्यावरण संवर्धन से जोड़ना है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे आयोजन में शामिल होने के साथ एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल का संकल्प भी लें।

जानकारी के अनुसार संत रामबालक दास वर्ष 1986 में मात्र नौ वर्ष की आयु में श्री जामड़ी पाटेश्वर धाम पहुंचे थे। तब से वे धर्म, हिंदुत्व, गौ संरक्षण और समाजहित के विभिन्न कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। बीते कई दशकों से वे धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को सेवा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते आ रहे हैं।

आयोजकों का कहना है कि उनकी दीर्घकालीन साधना और संकल्प के परिणामस्वरूप दिसंबर 2026 में श्री जामड़ी पाटेश्वर धाम में विश्व के प्रथम मां कौशल्या धाम की स्थापना प्रस्तावित है। इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

बताया गया कि मां कौशल्या धाम की स्थापना के संकल्प को लेकर संत रामबालक दास पिछले 23 वर्षों से फलाहार पर रहकर अन्न का त्याग किए हुए हैं। उनके इस तप और समर्पण को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। जन्मदिवस के अवसर पर मां कौशल्या धाम से जुड़े अनुयायी और श्रद्धालु प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की भी व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इस आयोजन की जानकारी छत्तीसगढ़ पशुधन विभाग संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बनें तथा “एक पेड़ मां कौशल्या के नाम” अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।