सरकार की गलत नीतियों से बढ़ रहा मानव-वन्यजीव संघर्ष, पांच दिनों में छह लोगों की मौत : कांग्रेस

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने प्रदेश में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने हाल की वन्यजीव हमलों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए जंगलों की कटाई, खनन और प्राकृतिक आवास के सिमटने को संघर्ष बढ़ने का प्रमुख कारण बताया। कांग्रेस ने सरकार से वन संरक्षण और मानव एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

Aug 21, 2026 - 11:02
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सरकार की गलत नीतियों से बढ़ रहा मानव-वन्यजीव संघर्ष, पांच दिनों में छह लोगों की मौत : कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जंगली जानवरों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं और बीते पांच दिनों में छह लोगों की मौत होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि जंगलों की कटाई, खनिजों के असंतुलित दोहन और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के लगातार सिमटने से इंसान और वन्यजीव आमने-सामने आ रहे हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पखांजूर के परलकोट में बाघ के हमले में एक ग्रामीण की मौत हुई। वहीं सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन क्षेत्र में सरहरी बाजार से सिंघरा लौट रहे 48 वर्षीय ग्रामीण की हाथी के हमले में मौत होने की बात कही गई है। उन्होंने कांकेर के मरकाटोला में भालू के हमले में तीन लोगों की मौत का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों के लिए भी गंभीर संकट बनता जा रहा है। उनके अनुसार जंगलों में प्राकृतिक आवास और भोजन की उपलब्धता कम होने के कारण जंगली जानवर रिहायशी इलाकों और खेतों की ओर पहुंच रहे हैं। इससे लोगों की जान को खतरा बढ़ने के साथ फसलों को नुकसान और वन्यजीवों की मौत की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जंगलों में बड़े पैमाने पर कटाई, खनन और मानवीय हस्तक्षेप के कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बस्तर, सरगुजा, हसदेव अरण्य सहित प्रदेश के विभिन्न वन क्षेत्रों में वन संरक्षण को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में जंगली जानवरों के हमलों में 230 से अधिक लोगों की मौत हुई है और घायलों की संख्या हजारों में है। इसी अवधि में नौ बाघों, 38 हाथियों सहित कुल 562 वन्यजीवों की अस्वाभाविक मौत का भी उन्होंने दावा किया। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड से किया जाना आवश्यक है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि विकास और खनन गतिविधियों के बीच पर्यावरणीय संतुलन तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसाधनों के असंतुलित दोहन के कारण जंगलों का पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।

सुरेंद्र वर्मा ने सरकार से मांग की कि मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी, ग्रामीणों की सुरक्षा, वन्यजीवों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जंगल, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देना आवश्यक है।