रायपुर प्रेस क्लब में ‘दृश्य संवाद 2026’ का शुभारंभ, तस्वीरों में दिखा छत्तीसगढ़, फोटो जर्नलिस्टों का हुआ सम्मान
विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब में तीन दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। प्रदर्शनी में प्रकृति, पर्यावरण, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, समाचार और जनसरोकार से जुड़ी तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। इस दौरान फोटो जर्नलिस्टों और फोटोग्राफरों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब में तीन दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। प्रदर्शनी में रायपुर के प्रेस फोटो जर्नलिस्टों के साथ प्रोफेशनल और शौकिया फोटोग्राफरों की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई हैं। तस्वीरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्रकृति, संस्कृति, परंपरा और जनसरोकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है।
प्रदर्शनी को चार अलग-अलग कैटेगरी में आयोजित किया गया है। ‘प्रकृति एवं पर्यावरण’ कैटेगरी में छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण से जुड़ी तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। वहीं ‘संस्कृति एवं परंपरा’ श्रेणी में प्रदेश की लोककला, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती है।
‘समाचार एवं जनसरोकार’ कैटेगरी में फोटो जर्नलिस्टों के कैमरे से महत्वपूर्ण घटनाओं और सामाजिक सरोकारों को तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इस बार प्रदर्शनी का दायरा बढ़ाते हुए रायपुर प्रेस क्लब के गैर-सदस्य प्रोफेशनल और शौकिया फोटोग्राफरों को भी भागीदारी का अवसर दिया गया है। ओपन कैटेगरी में 35 से अधिक प्रतिभागियों की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं।
फोटोग्राफी चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी वाला काम: श्याम बिहारी जायसवाल
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने फोटो जर्नलिस्टों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि फोटोग्राफी केवल कैमरे से तस्वीर लेने का काम नहीं है, बल्कि किसी महत्वपूर्ण पल को इतिहास के लिए सुरक्षित रखने की कला और जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि फोटो जर्नलिज्म में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं। फोटो जर्नलिस्ट को घटनास्थल पर मौजूद रहकर बेहद कम समय में यह तय करना पड़ता है कि कौन-सा क्षण महत्वपूर्ण है और उसे किस एंगल से कैमरे में कैद किया जाए।
जायसवाल ने कहा कि एक प्रभावशाली तस्वीर के पीछे तकनीकी ज्ञान के साथ त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, सही समय की पहचान और परिस्थितियों को समझने की दृष्टि जरूरी होती है। कई बार खबर को शब्दों में विस्तार से बताना पड़ता है, लेकिन एक तस्वीर उसी बात को एक क्षण में लोगों तक पहुंचा देती है।
उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रदर्शनियों से वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्टों के अनुभव नई पीढ़ी तक पहुंचेंगे और युवा एवं शौकिया फोटोग्राफरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा।
तस्वीर पत्रकारिता की अधूरी खबर को पूरा करती है: मोहन तिवारी
रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि ‘दृश्य संवाद’ केवल फोटो प्रदर्शनी नहीं, बल्कि तस्वीरों के माध्यम से समाज और समय से संवाद करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि फोटो जर्नलिस्टों के बिना पत्रकारिता अधूरी है। किसी खबर को जीवंत और प्रभावशाली बनाने में तस्वीर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि एक मजबूत तस्वीर के लिए कई बार लंबे कैप्शन की जरूरत नहीं होती। तस्वीर अपने आप में पूरी कहानी कहने की क्षमता रखती है। फोटो जर्नलिस्ट द्वारा कैमरे में कैद किया गया कोई क्षण आने वाले समय में उस घटना का महत्वपूर्ण दस्तावेज बन जाता है।
मोहन तिवारी ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब आने वाले वर्षों में भी विश्व फोटोग्राफी दिवस पर इस तरह की प्रदर्शनी और फोटो जर्नलिस्ट गतिविधियों की परंपरा को आगे बढ़ाएगा।
कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार, फोटो जर्नलिस्ट और बड़ी संख्या में फोटोग्राफर उपस्थित रहे। ‘दृश्य संवाद 2026’ प्रदर्शनी तीन दिनों तक जारी रहेगी, जहां दर्शक तस्वीरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्रकृति, संस्कृति, समाज और घटनाक्रम को एक अलग नजरिए से देख सकेंगे।