छत्तीसगढ़ महतारी के अमर सपूत, प्रथम स्वप्नद्रष्टा डॉ. खूबचंद बघेल जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन!

डॉ. खूबचंद बघेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण, किसान हित, संस्कृति संरक्षण और समाज सेवा में दिए गए योगदान को याद किया गया। उनके विचारों पर चलकर समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प दोहराया गया।

Jul 19, 2026 - 17:31
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छत्तीसगढ़ महतारी के अमर सपूत, प्रथम स्वप्नद्रष्टा डॉ. खूबचंद बघेल जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन!

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ महतारी के अमर सपूत, प्रथम स्वप्नद्रष्टा और अलग छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलन के प्रमुख प्रेरणास्रोत डॉ. खूबचंद बघेल की जयंती पर प्रदेशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर उनके सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक योगदान को स्मरण करते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

डॉ. खूबचंद बघेल ने अपना संपूर्ण जीवन छत्तीसगढ़ की अस्मिता, यहां की संस्कृति, किसानों के अधिकारों और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए समर्पित किया। उन्होंने ऐसे समय में अलग छत्तीसगढ़ राज्य की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाया, जब इस विषय पर चर्चा भी सीमित थी। उनके दूरदर्शी विचारों और अथक प्रयासों ने छत्तीसगढ़ की अलग पहचान स्थापित करने की मजबूत नींव रखी।

एक साधारण परिवार से निकलकर जननायक बनने तक का उनका संघर्ष आज भी युवाओं, किसानों और समाजसेवियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने हमेशा ग्रामीण समाज, कृषि, लोक संस्कृति और स्थानीय भाषा के संरक्षण को प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व और विचारों ने छत्तीसगढ़ी समाज में आत्मगौरव की भावना को मजबूत किया।

डॉ. खूबचंद बघेल का मानना था कि किसी भी क्षेत्र का विकास उसकी सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय संसाधनों के सम्मान से जुड़ा होता है। इसी सोच के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को नई पहचान दिलाने का कार्य किया। किसानों के हितों की रक्षा और उनके अधिकारों के लिए भी उन्होंने लगातार संघर्ष किया, जिसके कारण उन्हें प्रदेश के प्रमुख किसान नेताओं में भी सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।

आज जब छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, तब डॉ. खूबचंद बघेल के विचार और भी प्रासंगिक प्रतीत होते हैं। उनका सपना केवल अलग राज्य बनाना नहीं था, बल्कि ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना था जो आत्मनिर्भर, समृद्ध, सांस्कृतिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से समावेशी हो।

जयंती के अवसर पर लोगों ने उनके जीवन से प्रेरणा लेने, छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और किसानों व ग्रामीण समाज के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. खूबचंद बघेल का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा और उनका जीवन समाज सेवा, संघर्ष तथा जनहित के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है।

इस अवसर पर प्रदेशवासियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान, स्वाभिमान और विकास के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगे। उनके आदर्शों पर चलते हुए एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।