दीपा सागर की संदिग्ध मौत पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग; न्याय नहीं मिला तो धरने पर बैठेंगे संजय नाग

जगदलपुर के बाफना लाइफस्टाइल कपड़ा शोरूम में युवती दीपा सागर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शरीर पर चोट और नाखून के निशान होने का दावा किया है। इस बीच शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के जिला बस्तर नेता संजय नाग ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, सीसीटीवी फुटेज की जांच, शोरूम प्रबंधन की जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि परिवार को न्याय नहीं मिला तो वे परिजनों के साथ जिला प्रशासन के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे।

Nov 4, 2026 - 09:01
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दीपा सागर की संदिग्ध मौत पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग; न्याय नहीं मिला तो धरने पर बैठेंगे संजय नाग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में युवती दीपा सागर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बाफना हाउस के बाफना लाइफस्टाइल कपड़ा शोरूम में काम करने वाली दीपा का शव फांसी पर लटका हुआ मिला था। घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतिका दीपा सागर जगदलपुर के मां दंतेश्वरी वार्ड क्रमांक 20 की निवासी थी और अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित थी।

परिजनों का दावा है कि दीपा के शरीर पर चोट और नाखून के निशान मौजूद थे। परिवार ने इन निशानों को लेकर संदेह जताते हुए घटना की परिस्थितियों की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने में कथित देरी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाना जरूरी है, ताकि मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।

इस मामले में शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के जिला बस्तर नेता संजय नाग ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी दुकान, शोरूम या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित प्रबंधन की जिम्मेदारी है। यदि किसी कर्मचारी के साथ कार्यस्थल पर कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी परिस्थितियों और लागू कानूनों के अनुसार मालिक एवं प्रबंधन की जवाबदेही की जांच होनी चाहिए।

संजय नाग ने कहा कि दीपा की मौत बाफना हाउस स्थित बाफना लाइफस्टाइल शोरूम में हुई है। ऐसे में शोरूम मालिक और प्रबंधन की संभावित जिम्मेदारी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में सुरक्षा संबंधी लापरवाही या किसी प्रकार की कानूनी जिम्मेदारी सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें दीपा की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, बाफना हाउस और बाफना लाइफस्टाइल शोरूम के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखकर उनकी जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताए गए चोट और नाखून के निशानों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना, घटना के समय मौजूद लोगों एवं प्रबंधन से पूछताछ करना और शोरूम प्रबंधन की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी की जांच करना शामिल है।

संजय नाग ने पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिलाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि शासन-प्रशासन को अनुसूचित जाति वर्ग के पीड़ित परिवार को नियमानुसार उपलब्ध आर्थिक सहायता और न्याय दिलाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए। हालांकि, मुआवजे और प्रबंधन की कानूनी जवाबदेही का निर्धारण जांच में सामने आने वाले तथ्यों और लागू नियमों के आधार पर होना चाहिए।

संजय नाग ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच नहीं करता, दोषियों की जवाबदेही तय नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय एवं उचित मुआवजा दिलाने में लापरवाही बरती जाती है, तो शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व में वे परिजनों के साथ जिला प्रशासन के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को प्रभाव अथवा आर्थिक ताकत के आधार पर जांच से बचने नहीं दिया जाना चाहिए। फिलहाल इस मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। परिवार और सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधियों की मांग है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कर दीपा की मौत की वास्तविक वजह सामने लाई जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।