भारतीय आदिम जाति सेवक संघ में फर्जी पदाधिकारियों का मामला, प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र नरसिंह राणा ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
भारतीय आदिम जाति सेवक संघ छत्तीसगढ़ स्टेट बोर्ड के नाम पर कथित रूप से फर्जी पदाधिकारी बनकर संगठन में नियुक्तियां करने का मामला सामने आया है। प्रदेश अध्यक्ष कुंवर जितेंद्र नरसिंह राणा ने रायपुर में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अधिकृत पदाधिकारियों और विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की अनुशंसा और राष्ट्रीय अध्यक्ष के अनुमोदन के बिना की गई नियुक्तियों को बोर्ड की मान्यता नहीं होगी। संगठन के नाम और पहचान का अनधिकृत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के नाम पर कथित रूप से फर्जी पदाधिकारी बनकर संगठन में पद बांटने का मामला सामने आया है। इस संबंध में भारतीय आदिम जाति सेवक संघ छत्तीसगढ़ स्टेट बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर जितेंद्र नरसिंह राणा ने रायपुर प्रवास के दौरान प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने संगठन के अधिकृत पदाधिकारियों की जानकारी देते हुए कथित फर्जी नियुक्तियां करने वाले लोगों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र नरसिंह राणा के अनुसार, छत्तीसगढ़ स्टेट बोर्ड में विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में केवल उन्हीं लोगों को शामिल किया गया है, जिनके नाम अधिकृत सूची में दर्ज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सूची के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त नहीं किया गया है।
प्रेस विज्ञप्ति में अधिकृत विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में राजकुमारी विजय श्री सिंह, भूपेश वैष्णव, गौरव गुप्ता, विद्या सिदार, सोन बाई कुर्रे, ईशा टंडन और राजमाता कुमुदिनी सिंह के नाम बताए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन में पदों को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं रहनी चाहिए और सभी संबंधित लोगों को अधिकृत जानकारी के आधार पर ही निर्णय लेना चाहिए।
राणा ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसी जानकारी आई है कि कुछ लोग स्वयं को कथित रूप से विशेष आमंत्रित सदस्य या महामंत्री बताकर अन्य लोगों को संगठन में विभिन्न पदों पर नियुक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों और उनके द्वारा किए जा रहे पद वितरण का भारतीय आदिम जाति सेवक संघ छत्तीसगढ़ स्टेट बोर्ड से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने संगठन के नाम पर की जा रही ऐसी गतिविधियों को अनधिकृत बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उनके मुताबिक, छत्तीसगढ़ स्टेट बोर्ड में भविष्य में किसी भी व्यक्ति को पद देने के लिए प्रदेश अध्यक्ष की अनुशंसा और राष्ट्रीय अध्यक्ष का अनुमोदन आवश्यक होगा। निर्धारित प्रक्रिया के बिना की गई किसी भी नियुक्ति को बोर्ड की आधिकारिक मान्यता प्राप्त नहीं होगी। इसलिए संगठन से जुड़े लोगों को किसी भी पद या नियुक्ति के दावे की पुष्टि आधिकारिक स्तर पर करनी चाहिए।
राणा ने यह भी बताया कि संघ के नाम, पदनाम और संगठन से जुड़े लोगों की पहचान का कथित रूप से अनधिकृत इस्तेमाल किए जाने की जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी गई है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि भारतीय आदिम जाति सेवक संघ छत्तीसगढ़ स्टेट बोर्ड के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से पद बांटने या संगठन की पहचान का अनधिकृत इस्तेमाल करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संगठन से जुड़े सभी सदस्यों और लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के पद, दायित्व या नियुक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें।
फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जारी इस बयान के बाद संगठन में पदों और नियुक्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई और अधिकृत नियुक्तियों से संबंधित जानकारी संगठन के आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त की जा सकेगी।