राहुल गांधी को निर्मला सीतारमण की चुनौती, बोलीं- संसद में आइए और SIR-EVM पर मुझसे बहस कीजिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती देने वाले राहुल गांधी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बहस करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सोशल मीडिया पर बहस की मांग करने के बजाय संसद में आकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और ईवीएम के मुद्दे पर चर्चा करें। सीतारमण ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और बहस के दौरान सदन से वॉकआउट करने का आरोप भी लगाया। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह भी राहुल गांधी की चुनौती पर प्रतिक्रिया दे चुके हैं।

Nov 4, 2026 - 10:33
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राहुल गांधी को निर्मला सीतारमण की चुनौती, बोलीं- संसद में आइए और SIR-EVM पर मुझसे बहस कीजिए

UNITED NEWS OF ASIA. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती देने वाले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाबी चुनौती दी है। उन्होंने राहुल गांधी से संसद में आकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के मुद्दे पर बहस करने को कहा है। सीतारमण ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री को बहस की चुनौती देते हैं, लेकिन संसद में चर्चा के दौरान वही उत्साह क्यों नहीं दिखाते?

निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री से बहस के लिए जगह चुनने की बात कर रहे हैं, जबकि बहस के लिए संसद पहले से मौजूद है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी को सदन में अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का अवसर मिलता है। ऐसे में उन्हें सोशल मीडिया पर चुनौती देने के बजाय संसद में बहस करनी चाहिए।

वित्त मंत्री ने अपने बयान में संसद की कार्यवाही को लेकर भी विपक्ष पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य सदस्य कई बार सदन से वॉकआउट कर चुके हैं, जबकि सरकार उनके आरोपों का जवाब दे रही होती है। सीतारमण ने कहा कि बहस का अर्थ केवल सवाल पूछना नहीं, बल्कि दूसरे पक्ष की बात सुनना भी है। उन्होंने विपक्ष पर बार-बार संसद की कार्यवाही बाधित करने और सदन का कामकाज प्रभावित करने का आरोप लगाया।

सीतारमण ने राहुल गांधी द्वारा आयोजित मॉक पार्लियामेंट पर भी टिप्पणी की। उन्होंने इसे वास्तविक संसद का मजाक बताया और कहा कि यदि विपक्ष बहस को लेकर गंभीर है, तो उसे संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पहले ही SIR और EVM के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की सरकार की तत्परता जता चुके हैं।

दरअसल, राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री किसी भी स्थान पर बहस के लिए तैयार हों। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि बहस के दौरान मीडिया और देश के युवा मौजूद रहें तथा किसी निष्पक्ष व्यक्ति को निर्णायक की भूमिका दी जा सकती है। उन्होंने मोहन भागवत का नाम भी संभावित निर्णायक के रूप में लिया। राहुल गांधी ने बहस के जरिए देशद्रोह के आरोपों और विदेशी ताकतों से कथित संबंधों जैसे सवालों पर चर्चा की बात कही।

बताया गया कि राहुल गांधी ने 24 घंटे के भीतर दो बार प्रधानमंत्री को बहस की चुनौती दी। इससे पहले एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों की रैली हुई थी। इसके बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच गृह मंत्री अमित शाह और अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रतिक्रिया से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। SIR और EVM जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग के साथ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस अब सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया तक पहुंच गई है। फिलहाल देखना होगा कि इन मुद्दों पर संसद में औपचारिक चर्चा कब होती है और दोनों पक्ष अपनी दलीलें किस तरह सामने रखते हैं।