सर्वोदय अहिंसा अभियान का 44वां वर्ष, पटाखों की राशि बचाकर इस बार होगी जल सेवा
छिंदवाड़ा से वर्ष 1982 में शुरू हुआ सर्वोदय अहिंसा अभियान इस वर्ष अपने 44वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन की ओर से संचालित इस अभियान के तहत इस बार दीपावली पर पटाखों में खर्च होने वाली राशि बचाकर जल सेवा की जाएगी। संस्था नगर में जल मित्र बनाएगी, जो गर्मी के मौसम में पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने के साथ जरूरतमंद परिवारों तक जल पहुंचाने में सहयोग करेंगे। पिछले 43 वर्षों से संस्था जीव रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और मानव सेवा के विभिन्न कार्यों में जुटी हुई है।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से वर्ष 1982 में शुरू हुआ सर्वोदय अहिंसा अभियान इस वर्ष अपने 44वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। जीव रक्षा, अहिंसा और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से शुरू किया गया यह अभियान आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन द्वारा संचालित इस अभियान के माध्यम से पिछले 43 वर्षों से दीपावली और तीर्थंकर महावीर के निर्वाण महोत्सव को सेवा कार्यों के साथ मनाया जा रहा है। संस्था की ओर से प्रतिवर्ष पटाखों पर खर्च होने वाली राशि बचाकर उसे जनहित और जीव दया के कार्यों में लगाया जाता है। इस वर्ष भी संस्था ने पटाखों से राशि बचाकर जल सेवा अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
फेडरेशन के प्रांतीय मीडिया प्रभारी एवं सर्वोदय अहिंसा के प्रदेश संयोजक दीपक राज जैन ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में अहिंसा, जीव दया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पिछले 43 वर्षों से संस्था के अहिंसा प्रेमी सदस्य पटाखों पर होने वाले खर्च को बचाकर मूक पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करते आ रहे हैं। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर पानी के टैंक और जलपात्र सकोरे स्थापित किए जाते हैं, ताकि गर्मी के मौसम में बेजुबान जीवों को पानी उपलब्ध हो सके।
संस्था केवल पशु-पक्षियों की सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव सेवा के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रही है। सर्वोदय अहिंसा की ओर से वृद्धाश्रमों और दिव्यांग बच्चों के लिए सेवा गतिविधियां संचालित की जाती हैं। इसके अलावा जिला जेल और शिक्षण संस्थाओं में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस जमा कराने, कॉपी-किताबें और स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के साथ सर्दियों में जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े एवं कंबल वितरित किए जाते हैं। संस्था का कहना है कि सेवा के ये कार्य पिछले 43 वर्षों से निरंतर जारी हैं।
इस वर्ष अभियान के 44वें वर्ष में जल सेवा को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। दीपक राज जैन के अनुसार, सर्वोदय अहिंसा की टीम नगर में जल मित्र बनाएगी। ये जल मित्र गर्मी के मौसम में पशु-पक्षियों की प्यास बुझाने के साथ नागरिकों के लिए प्याऊ की व्यवस्था करने में भी सहयोग करेंगे। इसके साथ ही शहर में संभावित जल संकट को देखते हुए ऐसे नागरिकों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा, जिनके घरों में बोरिंग की सुविधा उपलब्ध है। उन्हें जल मित्र बनाकर आसपास के पांच से दस जरूरतमंद परिवारों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सर्वोदय अहिंसा के राष्ट्रीय संयोजक संजय जैन ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी अभियान के 44वें वर्ष के लिए विशेष पोस्टर तैयार किया गया है। पोस्टर के माध्यम से जीव रक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। छिंदवाड़ा से शुरू हुआ यह अभियान अब मध्य प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहिंसा प्रेमियों को सेवा की प्रेरणा दे रहा है। पटाखों पर खर्च होने वाली राशि को बचाकर जल सेवा और जीव रक्षा में लगाना समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। सर्वोदय अहिंसा अभियान का उद्देश्य दीपावली को केवल उत्सव नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का पर्व बनाना है।