महंगाई से आम जनता परेशान, किसानों और पटवारियों की मांगों पर सरकार बेपरवाह: चोवाराम साहू
कवर्धा कृषि उपज मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष चोवाराम साहू ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर महंगाई, किसानों की समस्याओं और पटवारियों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में जरूरी वस्तुओं के बढ़ते दाम से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार परेशान हैं। वहीं पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और मौसम की मार से प्रभावित किसानों की समस्याओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ में बढ़ती महंगाई, किसानों की समस्याओं और पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कवर्धा कृषि उपज मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष चोवाराम साहू ने भाजपा सरकार पर आम जनता की समस्याओं और विभिन्न वर्गों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दाम से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ रहा है। वहीं किसान अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और पटवारियों की हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों और पटवारियों की मांगों पर उठाए सवाल
चोवाराम साहू ने अपने बयान में कहा कि प्रदेशभर के पटवारी अपनी करीब आधा दर्जन मांगों को लेकर 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस वजह से आम नागरिकों और किसानों को राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पटवारियों की मांगों और आम लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
उन्होंने हाल ही में किसानों द्वारा किए गए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने कुछ मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है, लेकिन अधिकांश मांगें अब भी लंबित हैं। उनके मुताबिक, किसानों को अपनी उपज और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।
फसल नुकसान के सर्वे और मुआवजे की मांग
साहू ने हाल ही में आए अर्बन तूफान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसान फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटवारियों की हड़ताल के चलते सर्वे और राजस्व से जुड़े कार्य प्रभावित होने की आशंका है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है।
उनका कहना है कि प्रभावित किसानों को समय पर राहत देने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। फसल नुकसान का आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया प्रभावित होने से किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
जरूरी वस्तुओं की महंगाई से बिगड़ा घरेलू बजट
चोवाराम साहू ने खाद्य तेल, शक्कर, दाल, चावल और गेहूं जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और यात्री किराये का बोझ भी आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, महंगाई के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहारी सीजन में आम जनता को राहत देने के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है। हालांकि, महंगाई और विभिन्न वस्तुओं की कीमतों को लेकर उन्होंने अपने बयान में कोई विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए।
सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
साहू ने भाजपा सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में हर वर्ग के बीच असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों, पटवारियों और आम नागरिकों की समस्याओं को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। उन्होंने सरकार से किसानों की फसल क्षति का सर्वे और मुआवजा प्रक्रिया तेज करने, पटवारियों की मांगों पर बातचीत करने तथा महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
चोवाराम साहू का यह बयान प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों को लेकर विपक्षी आलोचना के बीच आया है। सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया इस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।