मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल से आसान हुई हिमेश की राह, पढ़ाई और आत्मनिर्भरता को मिला संबल

रायगढ़ जिले के ग्राम बालगोमड़ा निवासी हिमेश कुमार पटेल को समाज कल्याण विभाग की मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदाय योजना के तहत मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिली है। इससे उनके आवागमन में सुविधा हुई है और पढ़ाई जारी रखने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का सहारा मिला है।

Oct 7, 2026 - 17:02
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मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल से आसान हुई हिमेश की राह, पढ़ाई और आत्मनिर्भरता को मिला संबल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आवागमन की कठिनाइयों को कम करने के लिए संचालित शासकीय योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है। समाज कल्याण विभाग, रायपुर द्वारा संचालित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदाय योजना के तहत रायगढ़ जिले के ग्राम बालगोमड़ा, ग्राम पंचायत उसरौद निवासी हिमेश कुमार पटेल को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की गई है। ट्राइसाइकिल मिलने के बाद उनके लिए घर से बाहर आना-जाना आसान हुआ है और पढ़ाई से जुड़ी गतिविधियों को जारी रखने में भी सुविधा मिली है।

हिमेश कुमार पटेल, पिता होसराम पटेल, इससे पहले आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भर रहते थे। दिव्यांगता के कारण उन्हें दैनिक कार्यों के साथ-साथ शिक्षा से संबंधित गतिविधियों में भी आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने के बाद अब वे पहले की तुलना में अधिक स्वतंत्रता के साथ अपने जरूरी कार्यों के लिए आवागमन कर सकेंगे। इससे उनके आत्मविश्वास को भी मजबूती मिली है।

मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल हिमेश के लिए केवल आने-जाने का साधन नहीं है, बल्कि यह उनकी पढ़ाई जारी रखने और दैनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी का माध्यम भी बन रही है। आवागमन में सुविधा मिलने से वे शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों में अधिक आसानी से शामिल हो सकेंगे। इसके साथ ही रोजमर्रा  जरूरी कामों के लिए दूसरों पर उनकी निर्भरता कम होने की उम्मीद है।

हिमेश कुमार पटेल और उनके परिवार ने इस सहायता के लिए छत्तीसगढ़ शासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है। हिमेश का कहना है कि मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से उन्हें अपने काम स्वयं करने और आगे बढ़ने का नया सहारा मिला है। उनके अनुसार, यह सहायता उनके लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

समाज कल्याण विभाग की इस योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराकर उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाना है। आवागमन के साधन उपलब्ध होने से दिव्यांगजन शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं। हिमेश को मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भी इसी दिशा में एक उपयोगी सहायता के रूप में सामने आई है।

हिमेश और उनके परिवार के लिए यह सहायता आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का एक नया अवसर लेकर आई है। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल के माध्यम से उनके लिए आवागमन की बाधाएं कम हुई हैं और अब वे अपनी पढ़ाई तथा दैनिक गतिविधियों को अधिक सहजता के साथ आगे बढ़ा सकेंगे।