बच्चों के सर्वांगीण विकास और पुनर्वास के लिए परिषद पूरी तत्परता से करे कार्य: बृजमोहन अग्रवाल
छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में रायपुर में हुई। बैठक में वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट और 2026-27 के अनुमानित बजट को मंजूरी दी गई। परिषद की संस्थाओं में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती, बाल देखरेख गृहों की व्यवस्थाओं को मजबूत करने और वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सेंटर शुरू करने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षा का मंदिर और स्पीच थेरेपी सेंटर का निरीक्षण भी किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद की राज्य कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक रायपुर में परिषद के अध्यक्ष और सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में परिषद की विभिन्न संस्थाओं के संचालन, आय-व्यय, आगामी योजनाओं, बजट और बाल देखरेख गृहों की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में बच्चों के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बाल कल्याण परिषद केवल एक संस्था नहीं है, बल्कि विशेष और जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित भविष्य तथा सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने परिषद द्वारा संचालित संस्थाओं में बच्चों को मिल रही सुविधाओं, शिक्षा और पुनर्वास संबंधी कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए परिषद को पूरी तत्परता के साथ कार्य करना चाहिए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट का अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुमानित बजट को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। आगामी वार्षिक आमसभा यानी AGM के आयोजन को लेकर भी चर्चा हुई। दीपावली के बाद AGM की तिथि और समय निर्धारित करने का अधिकार परिषद के महासचिव को सौंपा गया।
परिषद के विभिन्न प्रकल्पों में रिक्त पदों की भी समीक्षा की गई। बैठक में इन पदों पर नियमानुसार जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी करने पर सहमति बनी। इसके अलावा सांसद और विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों तथा मिशन वात्सल्य के तहत संचालित ‘खुला आश्रय बालक गृह’ के अनुदान प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। वाणी वाचन एवं बहु-प्रशिक्षण केंद्र के संचालन और भारतीय स्टेट बैंक से CSR मद के तहत मिलने वाले सहयोग से संबंधित प्रस्ताव की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जेजे एक्ट के अंतर्गत संचालित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के बालगृह, बालक एवं बालिका गृह तथा कोंडागांव स्थित बालिका गृह की कार्यप्रणाली से संबंधित प्रतिवेदन भी सदस्यों के समक्ष रखा गया। इस दौरान संस्थाओं में बच्चों की देखभाल, शिक्षा और पुनर्वास से जुड़े कार्यों की जानकारी ली गई।
बृजमोहन अग्रवाल ने परिषद के सामाजिक सरोकारों का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता बताते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त ‘डे-केयर सेंटर’ शुरू करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों की देखभाल और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में भी परिषद की भूमिका बढ़ाई जा सकती है।
बैठक के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने ‘शिक्षा का मंदिर’ और ‘स्पीच थेरेपी सेंटर’ का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने वहां थेरेपी ले रहे बच्चों की प्रगति के संबंध में जानकारी ली और परिषद द्वारा किए जा रहे सेवाभावी कार्यों की सराहना की।
बैठक का संचालन महासचिव चंद्रेश शाह ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन संयुक्त सचिव राजेन्द्र कुमार निगम ने किया।
इस अवसर पर परिषद की उपाध्यक्ष डॉ. कमल वर्मा, कोषाध्यक्ष इंदिरा जैन, संयुक्त सचिव प्रकाश अग्रवाल, भूपेंद्र कोटडिया, महासमुंद से कार्यकारिणी सदस्य विश्वनाथ पाणिग्रही, हर्षा जोशी, सुनीता चंसोरिया, हरजीत जुनेजा, संगीता शर्मा सहित परिषद द्वारा संचालित विभिन्न संस्थाओं के अधीक्षक और प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।