लोरमी के डोंगरिया में बाजार नीलामी राशि के उपयोग पर सवाल, ग्रामीणों ने जांच की मांग की
मुंगेली जिले के लोरमी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगरिया में बाजार नीलामी और 15वें वित्त की राशि के उपयोग को लेकर पंचों एवं ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं ने सरपंच पर पंचायत की जानकारी के बिना नाली सफाई सहित अन्य कार्यों के नाम पर राशि आहरित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के आय-व्यय की जांच तथा संबंधित कार्यों के भौतिक सत्यापन की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. राकेश भास्कर, मुंगेली l मुंगेली जिले के लोरमी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगरिया में बाजार नीलामी राशि और 15वें वित्त की राशि के उपयोग को लेकर पंचों एवं ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों और पंचों की ओर से जनपद पंचायत लोरमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी गई है। शिकायतकर्ताओं ने पंचायत में प्राप्त राशि के उपयोग की जांच कराने और संबंधित कार्यों का भौतिक सत्यापन किए जाने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम पंचायत डोंगरिया में बाजार नीलामी से प्राप्त राशि तथा 15वें वित्त की राशि के उपयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आरोप लगाया गया है कि सरपंच द्वारा पंचायत की जानकारी के बिना नाली सफाई सहित अन्य कार्यों के नाम पर राशि आहरित की गई है। पंचों और ग्रामीणों ने इसी मामले को लेकर पंचायत के आय-व्यय की जांच की मांग प्रशासन के समक्ष रखी है।
शिकायत में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान बाजार नीलामी राशि तथा 15वें वित्त से प्राप्त और खर्च की गई राशि की विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही जिन कार्यों के नाम पर राशि का उपयोग किए जाने की बात सामने आई है, उनका मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन कराने की मांग भी की गई है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत स्तर पर राशि के उपयोग से संबंधित प्रस्ताव, कार्यों की जानकारी और प्रक्रिया को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि पंचायत की राशि का उपयोग निर्धारित प्रक्रिया और स्वीकृत कार्यों के अनुसार किया गया है या नहीं।
बताया गया है कि पंचों एवं ग्रामीणों की ओर से यह शिकायत 1 अक्टूबर 2026 को जनपद पंचायत लोरमी में प्रस्तुत की गई। शिकायत मिलने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान पंचायत के दस्तावेज, आय-व्यय का रिकॉर्ड, राशि आहरण से संबंधित जानकारी और संबंधित निर्माण एवं सफाई कार्यों का मौके पर सत्यापन किया जा सकता है।
इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल राशि के उपयोग में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं, यह प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले को लेकर ग्रामीणों और पंचों की शिकायत के साथ संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी जांच के बाद सामने आने की संभावना है।