बीजापुर में माओवादी डंप से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद, फरसेगढ़ क्षेत्र में संयुक्त सर्चिंग कार्रवाई
बीजापुर जिले के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के बड़ेआलवाड़ा के जंगल-पहाड़ी इलाके में पुलिस, डीआरजी और बीडीएस की संयुक्त टीम ने सर्चिंग के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखी गई हथियार, कारतूस, विस्फोटक और संचार सामग्री बरामद की। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई 15 सितंबर को मिली सूचना के आधार पर की गई। बीडीएस टीम ने सुरक्षा प्रक्रिया के बाद सामग्री को सुरक्षित रूप से कब्जे में लिया। मामले में संबंधित धाराओं के तहत जब्ती कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. बीजापुर l छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादी विरोधी अभियान के तहत फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के बड़ेआलवाड़ा के जंगल-पहाड़ी इलाके में पुलिस और सुरक्षा टीमों ने सर्चिंग के दौरान हथियार, कारतूस, विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई थाना फरसेगढ़, जिला रिजर्व गार्ड यानी डीआरजी बीजापुर और बीडीएस टीम की संयुक्त कार्रवाई के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर 2026 को मिली सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने बड़ेआलवाड़ा के आसपास जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया था। इस दौरान संदिग्ध रूप से छिपाकर रखी गई सामग्री बरामद हुई। इस कार्रवाई की जानकारी 16 सितंबर को जारी पुलिस विज्ञप्ति में दी गई और इसकी पुष्टि स्थानीय समाचार रिपोर्टों ने भी की है।
पुलिस के मुताबिक, सर्चिंग के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार और अन्य सामग्री का पता चला। मौके पर मौजूद बीडीएस टीम ने आवश्यक सुरक्षा प्रक्रिया के तहत सामग्री को सुरक्षित किया। पुलिस की ओर से बताया गया है कि बरामद सामग्री को डिमाइनिंग की कार्रवाई के बाद कब्जे में लिया गया। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य जंगल क्षेत्र में बरामद संदिग्ध और विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से हटाना और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जब्त करना था। स्थानीय रिपोर्टों में भी बीडीएस टीम द्वारा सुरक्षा प्रक्रिया पूरी किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बरामद सामग्री में एक 315 बोर का देशी कट्टा, 315 बोर के 49 जिंदा राउंड, 303 रायफल के 25 जिंदा राउंड और 12 बोर के 34 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा 303 रायफल से संबंधित कुछ पार्ट्स और अन्य सामग्री भी बरामद होने की जानकारी दी गई है। बरामदगी में करीब आठ किलोग्राम जिलेटिन, छह वॉकी-टॉकी सेट और चार्जर, एक मेन पेक सेट तथा विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक और कॉपर वायर भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मौके से अन्य संदिग्ध उपकरण और सामग्री भी मिली है।
कार्रवाई के दौरान मिली सामग्री को लेकर पुलिस ने बताया कि बरामद सामान को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत जब्त किया गया है। पुलिस विज्ञप्ति में धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्ती और आगे की वैधानिक कार्रवाई की बात कही गई है। इस मामले में आगे की जांच के दौरान बरामद सामग्री से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस और संबंधित सुरक्षा टीमों की कार्रवाई सर्चिंग और जब्ती तक केंद्रित रही है।
बीजापुर और बस्तर संभाग के जंगल क्षेत्रों में माओवादी विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों की सर्चिंग कार्रवाई लगातार जारी रहती है। ऐसे अभियानों के दौरान संदिग्ध रूप से छिपाकर रखी गई सामग्री मिलने पर बम निरोधक विशेषज्ञों की मदद से उसे सुरक्षित किया जाता है। बड़ेआलवाड़ा में हुई कार्रवाई में भी पुलिस, डीआरजी और बीडीएस की संयुक्त टीम ने समन्वय के साथ अभियान चलाया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्रवाई में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या जनहानि की सूचना नहीं दी गई है।
पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई को फरसेगढ़ क्षेत्र में चलाए जा रहे माओवादी विरोधी अभियान के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस की ओर से बरामद सामग्री के संबंध में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है।