भुंजिया समाज ने नगरी में योजनाएं संचालित करने की उठाई मांग, विधायक अंबिका मरकाम को सौंपा ज्ञापन
धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति भुंजिया समाज ने गरियाबंद में संचालित अभिकरण और योजनाओं का लाभ नगरी में ही उपलब्ध कराने की मांग की है। समाज का कहना है कि गरियाबंद की दूरी अधिक होने के कारण हितग्राहियों को योजनाओं और अधिकारियों तक पहुंचने में परेशानी होती है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति भुंजिया समाज ने अपनी विभिन्न प्रशासनिक और योजनागत जरूरतों को लेकर नगरी विधायक अंबिका मरकाम के समक्ष मांग रखी है। समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में गरियाबंद जिले में संचालित भुंजिया जनजाति से संबंधित योजनाओं और परियोजनाओं का संचालन धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक में किए जाने की मांग की गई है। समाज का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में संबंधित अभिकरण गरियाबंद जिले में संचालित होने के कारण नगरी क्षेत्र के हितग्राहियों को काफी दूरी तय करनी पड़ती है।
समाज की ओर से दिए गए आवेदन के अनुसार धमतरी जिले के नगरी तहसील और खर अमलीटोला ब्लॉक क्षेत्र में भुंजिया विशेष पिछड़ी जनजाति के करीब 425 परिवार निवासरत हैं। इन परिवारों से जुड़े हितग्राहियों के लिए संबंधित योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों के सिलसिले में गरियाबंद जाना पड़ता है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि दूरी अधिक होने के कारण आने-जाने में समय और आर्थिक संसाधन दोनों खर्च होते हैं।
भुंजिया समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि गरियाबंद पहुंचने के बाद भी कई बार संबंधित अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पाती। इसके चलते हितग्राहियों के काम समय पर पूरे नहीं हो पाते और उन्हें दोबारा कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। समाज का कहना है कि यदि भुंजिया जनजाति के लिए संचालित योजनाओं का लाभ नगरी ब्लॉक में ही उपलब्ध कराया जाए तो स्थानीय हितग्राहियों को काफी सुविधा मिल सकती है।
ज्ञापन के माध्यम से समाज ने मांग की है कि गरियाबंद जिले में भुंजिया जनजाति के लिए स्वीकृत बजट और संचालित योजनाओं की व्यवस्था धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक में भी लागू की जाए। समाज का तर्क है कि स्थानीय स्तर पर योजनाओं के संचालन से हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और अन्य आवश्यक प्रशासनिक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
समाज की ओर से यह मांग ऐसे समय में रखी गई है, जब विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए संचालित योजनाओं तक प्रभावी पहुंच को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा होती रही है। भुंजिया समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से उनकी भौगोलिक स्थिति और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जनपद सदस्य सिरधन सोम, ब्लॉक अध्यक्ष संतोष मराई, जिला अध्यक्ष मंगल सिंह नाग, हरपाल सोरी, केजलू सोरी, दीपक सोरी, इंदल नेताम, राम सिंग ओटी सहित समाज के प्रमुख और अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने अपनी मांग से संबंधित जानकारी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी।
भुंजिया समाज ने उम्मीद जताई है कि उनकी मांग पर संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक परीक्षण किया जाएगा और नगरी क्षेत्र के हितग्राहियों की सुविधा को देखते हुए योजनाओं के संचालन को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। समाज का कहना है कि स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सुविधा मिलने से 425 परिवारों सहित क्षेत्र के अन्य पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी।