बेरलाकला में ग्लोबल एग्रो केमिकल फैक्ट्री के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, प्रदूषण का आरोप लगाकर बंद कराने की मांग
बेमेतरा जिले के बेरलाकला गांव में संचालित ग्लोबल एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने फैक्ट्री से निकलने वाले रासायनिक प्रदूषण के कारण भूजल दूषित होने, पीने के पानी के प्रभावित होने और मवेशियों की मौत होने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर फैक्ट्री का संचालन तत्काल बंद करने की मांग की। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच का आश्वासन दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले के बेरलाकला गांव में संचालित ग्लोबल एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। फैक्ट्री से कथित रूप से फैल रहे प्रदूषण से परेशान सैकड़ों ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर फैक्ट्री का संचालन तत्काल बंद करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट के कारण क्षेत्र का भूजल प्रदूषित हो रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और पशुधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाले रसायन लगातार जमीन में रिस रहे हैं, जिसके कारण आसपास के बोरवेल और अन्य जल स्रोतों का पानी दूषित हो गया है। उनका आरोप है कि गांव में पीने योग्य स्वच्छ पानी का संकट उत्पन्न हो गया है और दूषित पानी का उपयोग करने से लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि प्रदूषण के कारण कई मवेशियों की मौत हो चुकी है, जिससे गांव में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक फैक्ट्री के संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभावों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए।
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में भूजल प्रदूषण, कृषि भूमि पर संभावित प्रभाव और ग्रामीणों के स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि वे लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रहे हैं और अब स्थायी समाधान चाहते हैं।
मामले में प्रशासन की ओर से तहसीलदार उमेश लहरी ने ग्रामीणों से ज्ञापन प्राप्त किया और आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की नियमानुसार जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल ग्रामीणों द्वारा लगाए गए प्रदूषण, भूजल दूषित होने और मवेशियों की मौत संबंधी आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि सभी शिकायतों की तथ्यात्मक जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेरलाकला में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसी भी उद्योग का संचालन पर्यावरणीय मानकों और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए। अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।