बेमेतरा मातृ-शिशु अस्पताल के दलिया में निकली इल्ली, पोषण आहार की गुणवत्ता पर उठे सवाल

बेमेतरा के मातृ-शिशु अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में मरीजों को दिए गए दलिया में इल्ली मिलने का मामला सामने आया है। मरीजों और परिजनों ने भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन ने जांच का आश्वासन दिया है।

Aug 5, 2026 - 17:29
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बेमेतरा मातृ-शिशु अस्पताल के दलिया में निकली इल्ली, पोषण आहार की गुणवत्ता पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिले के मातृ-शिशु अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में मरीजों को दिए जाने वाले पौष्टिक आहार की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां मरीजों के लिए तैयार किए गए दलिया में इल्ली मिलने का मामला सामने आने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी है।

जानकारी के अनुसार, पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती मरीजों को नियमित रूप से पौष्टिक आहार के रूप में दलिया परोसा जाता है। परिजनों का आरोप है कि भोजन में इल्ली मिलने की घटना केवल एक मरीज तक सीमित नहीं है, बल्कि कई मरीजों के भोजन में कीड़े पाए गए हैं। इससे अस्पताल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

मरीजों के परिजनों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन को मौखिक रूप से जानकारी भी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ी इतनी गंभीर लापरवाही के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

घटना सामने आने के बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच चिंता और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन मिलना चाहिए, लेकिन यदि भोजन में ही कीड़े निकल रहे हैं तो यह मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

मामले पर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन लोकेश साहू ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उनके अनुसार अब तक किसी मरीज या परिजन ने इस संबंध में लिखित शिकायत नहीं दी है। फिर भी मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद अस्पतालों में मरीजों को उपलब्ध कराए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री के भंडारण, भोजन तैयार करने की प्रक्रिया और नियमित निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।