बलरामपुर में हाथी दांत तस्करी का भंडाफोड़, तीन अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में वन विभाग और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने संयुक्त कार्रवाई कर अंतर्राज्यीय हाथी दांत तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया। धर्मशाला में छापेमारी के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से तीन हाथी दांत बरामद किए गए।

Aug 4, 2026 - 11:33
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बलरामपुर में हाथी दांत तस्करी का भंडाफोड़, तीन अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन विभाग और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय हाथी दांत तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में की गई इस कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से तीन हाथी दांत बरामद किए गए हैं, जिन्हें वन विभाग ने जब्त कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, वन विभाग और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को हाथी दांत की अवैध खरीद-फरोख्त की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने रामानुजगंज स्थित एक धर्मशाला के कमरे में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपी हाथी दांत के साथ मौजूद मिले, जिन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में दो आरोपी बलरामपुर जिले के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी झारखंड का रहने वाला बताया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने हाथी दांत की तस्करी से जुड़े अपराध को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद वन विभाग ने उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया।

पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि हाथी दांत कहां से लाए गए थे और इस तस्करी नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की अवैध तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। हाथी दांत की तस्करी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित अंतर्राज्यीय नेटवर्क का भी पता लगाने में जुटी हैं।

अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीवों के अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त, तस्करी या शिकार की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग या संबंधित एजेंसियों को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और जैव विविधता के संरक्षण के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। अवैध वन्यजीव व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे में लाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।