बढ़ती महंगाई पर बदरुद्दीन कुरैशी ने सरकार को घेरा, तूफान प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग
छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने देश और प्रदेश में बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए सरकार से आम जनता को तत्काल राहत देने की मांग की है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और खाद्य सामग्री की कीमतों में कमी लाने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही। साथ ही हालिया तूफान और खराब मौसम से प्रभावित धान की फसल का निष्पक्ष सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए सरकार से आम जनता को तत्काल राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, खाद्य तेल, दाल, सब्जियों और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। कुरैशी ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए केवल आश्वासन देने के बजाय प्रभावी और ठोस कदम उठाने की अपील की है।
त्योहारों से पहले आम जनता को राहत देने की मांग
बदरुद्दीन कुरैशी ने कहा कि दीपावली और छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के अवसर पर भी महंगाई के कारण आम परिवार आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से सीमित आय वाले परिवारों के लिए घरेलू खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। उनके मुताबिक, जब आम जनता की आमदनी सीमित है, तो लगातार बढ़ती कीमतों का बोझ उठाना उसके लिए चुनौती बनता जा रहा है।
उन्होंने सरकार से पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, खाद्य तेल, दाल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में कमी लाने के लिए तत्काल निर्णय लेने की मांग की। कुरैशी का कहना है कि त्योहार खुशियां बांटने का अवसर होते हैं, लेकिन महंगाई के कारण कई परिवार अपनी जरूरतों और खर्चों के बीच संतुलन बनाने को मजबूर हैं। ऐसे समय में सरकार को आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए राहत के उपाय करने चाहिए।
तूफान से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग
पूर्व राज्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में हाल ही में आए तूफान और खराब मौसम से किसानों को हुए संभावित नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। किसान पूरे साल मेहनत करके फसल तैयार करते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदा उनकी मेहनत और आर्थिक उम्मीदों को प्रभावित कर सकती है।
कुरैशी ने मांग की कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल फसल सर्वे कराए। सर्वे निष्पक्ष तरीके से किया जाए, ताकि प्रत्येक प्रभावित किसान के नुकसान का सही आकलन हो सके। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन होने के बाद किसानों को बिना देरी उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे प्रभावित किसान आर्थिक संकट से उबरने और आगामी कृषि कार्यों की तैयारी करने में सक्षम हो सकेंगे।
सरकार से तत्काल ठोस निर्णय लेने की अपील
बदरुद्दीन कुरैशी ने सरकार से दो प्रमुख मुद्दों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने की मांग की है। पहला, आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण और दूसरा, तूफान एवं खराब मौसम से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराना।
उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक परेशानियों को समझते हुए सरकार को राहत के फैसले लेने चाहिए। वहीं, किसानों के नुकसान का आकलन कर उन्हें समय पर सहायता देना भी जरूरी है। कुरैशी ने उम्मीद जताई कि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और आम जनता तथा किसानों को राहत पहुंचाने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाएगी।
यह बयान बदरुद्दीन कुरैशी की ओर से जारी विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें महंगाई और फसल नुकसान को लेकर सरकार से मांगें रखी गई हैं।