कोरबा राज्योत्सव 2026 में बालको पैवेलियन बना आकर्षण का केंद्र, औद्योगिक और सामुदायिक विकास की दिखाई झलक
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कोरबा राज्योत्सव 2026 में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने पैवेलियन के माध्यम से औद्योगिक प्रगति, आधुनिक तकनीक और सामुदायिक विकास की पहल प्रदर्शित की। स्टॉल पर एल्युमिनियम उत्पादन प्रक्रिया के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और कृषि से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी गई। कंपनी के अनुसार, उसकी विकास गतिविधियां छत्तीसगढ़ के पांच जिलों के 128 गांवों में 1.80 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच रही हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कोरबा राज्योत्सव 2026 में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) का पैवेलियन आकर्षण का केंद्र रहा। कंपनी ने अपने स्टॉल के माध्यम से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक, तकनीकी और सामाजिक विकास में अपनी भूमिका को प्रदर्शित किया। पैवेलियन में एल्युमिनियम उत्पादन की आधुनिक प्रक्रिया, अत्याधुनिक तकनीक और सतत विकास से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही कंपनी की विभिन्न सामुदायिक विकास परियोजनाओं को भी प्रदर्शित किया गया।
राज्योत्सव के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला प्रशासन के अधिकारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बालको पैवेलियन का भ्रमण किया। कंपनी की ओर से उन्हें औद्योगिक प्रगति और सामाजिक विकास से जुड़ी पहलों की जानकारी दी गई। कंपनी के अनुसार, आगंतुकों ने पैवेलियन में प्रदर्शित औद्योगिक और सामुदायिक विकास गतिविधियों को देखा और उनकी सराहना की।
औद्योगिक तकनीक के साथ सामाजिक पहल का प्रदर्शन
बालको पैवेलियन में कंपनी की प्रमुख सामुदायिक विकास परियोजनाओं को प्रमुखता से जगह दी गई। इनमें उन्नति, मोर जल मोर माटी, वेदांता स्किल स्कूल, कनेक्ट कोचिंग प्रोग्राम, कोसाकरी, नंदघर और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। इन पहलों के माध्यम से शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि, स्वास्थ्य और पारंपरिक हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई।
वेदांता स्किल स्कूल के माध्यम से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, उन्नति परियोजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। मोर जल मोर माटी परियोजना के तहत किसानों को सतत कृषि पद्धतियों और बेहतर आजीविका से जोड़ने की पहल की जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत मोबाइल हेल्थ वैन के माध्यम से समुदायों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। इसके अलावा शिक्षा, ग्रामीण खेलों, पारंपरिक हस्तशिल्प और सामुदायिक सहभागिता के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की जानकारी भी पैवेलियन में साझा की गई।
पांच जिलों के 128 गांवों में पहुंच
बालको के अनुसार, कंपनी छत्तीसगढ़ के पांच जिलों कोरबा, कवर्धा, सरगुजा, रायगढ़ और रायपुर के 128 गांवों में सामुदायिक विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित कर रही है। इन पहलों के माध्यम से 1.80 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। कंपनी की गतिविधियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और सतत आजीविका को प्राथमिकता दी जा रही है।
कंपनी ने बताया कि कोरबा से अपनी यात्रा शुरू करने वाला बालको आज ऊर्जा, अधोसंरचना, परिवहन और विनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी योगदान दे रहा है। औद्योगिक उत्पादन और तकनीकी नवाचार के साथ सामाजिक विकास को जोड़ने की दिशा में कंपनी अपनी गतिविधियां आगे बढ़ा रही है।
कोरबा राज्योत्सव में बालको की भागीदारी के जरिए औद्योगिक विकास और सामुदायिक सहभागिता के बीच संबंध को सामने रखा गया। कंपनी ने समावेशी विकास, स्थानीय लोगों के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।