विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे युवा, देश को युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य से बड़ी उम्मीदें: अरुण साव

रायपुर के एनआईटी में आयोजित दो दिवसीय यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को तकनीकी ज्ञान, शोध और नवाचार का उपयोग समाज और राष्ट्रहित में करना चाहिए। कार्यक्रम में उत्कृष्ट शोधपत्र, परियोजना प्रदर्शनी और हैकाथॉन में योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

Oct 29, 2026 - 10:59
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विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे युवा, देश को युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य से बड़ी उम्मीदें: अरुण साव

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। देश को युवाओं की प्रतिभा, ज्ञान और सामर्थ्य से बड़ी उम्मीदें हैं। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को अपने ज्ञान, अध्ययन और नवाचार का उपयोग केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्रहित में भी करना चाहिए। यह बात उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने रायपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में आयोजित दो दिवसीय यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में कही।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर और भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी (आईएनएई) के संयुक्त आयोजन में तकनीकी विद्यार्थी, प्राध्यापक और वैज्ञानिक शामिल हुए। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए अरुण साव ने युवाओं से अपनी योग्यता और क्षमता के माध्यम से देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी प्रतिभा का उपयोग नवाचार, शोध और समाज की आवश्यकताओं के समाधान के लिए करना चाहिए।

अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में काम कर रही है। देश में युवाओं को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिल रहे हैं। युवा अपनी योग्यता, ज्ञान और क्षमता के बल पर न केवल स्वयं आगे बढ़ सकते हैं, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में भी योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना आज की युवा पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा है। आने वाले समय में देश की जिम्मेदारियों का नेतृत्व वर्तमान युवा ही करेंगे। इसलिए युवाओं को अभी से अपनी भूमिका और जिम्मेदारी समझनी चाहिए। राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी, तकनीकी दक्षता और रचनात्मक सोच देश की प्रगति को नई दिशा दे सकती है।

उप मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों ने विकसित भारत के निर्माण में तकनीक, शोध और नवाचार की भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श किया होगा। सम्मेलन से प्राप्त विचार और अनुभव भविष्य में समाज तथा राष्ट्र के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों के साथ परियोजना प्रदर्शनी और हैकाथॉन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवाओं को सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने का अवसर मिला।

समापन सत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, जवाहरलाल नेहरू एल्यूमिनियम रिसर्च, डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर के निदेशक डॉ. रोहित कुमार गुप्ता तथा एनआईटी रायपुर के प्राध्यापक प्रो. समीर वाजपेयी, प्रो. अर्चना शर्मा, डॉ. एस. सान्याल और डॉ. संजीव कुमार उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं, शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा तकनीकी ज्ञान और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की संभावनाओं को मजबूत करना रहा।