खुर्सीपार स्कूल में छत्तीसगढ़ महतारी से लेकर तीजन बाई और बिरसा मुंडा बने नन्हे बच्चे, फैंसी ड्रेस गतिविधि से दिया संदेश

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर भिलाई के सेक्टर-11 खुर्सीपार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राथमिक विभाग में फैंसी ड्रेस और अभिव्यक्ति कौशल गतिविधि आयोजित की गई। इसमें बच्चों ने छत्तीसगढ़ महतारी, तीजन बाई, फूलबासन यादव, बिरसा मुंडा और मिनी माता जैसी महान विभूतियों का रूप धारण कर उनके जीवन परिचय को अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम नवाचारी शिक्षक कामता साहू के मार्गदर्शन में हुआ। प्रधान पाठक ग्लोरिया बड़ा ने सभी को स्थापना दिवस की बधाई दी।

Nov 1, 2026 - 15:10
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खुर्सीपार स्कूल में छत्तीसगढ़ महतारी से लेकर तीजन बाई और बिरसा मुंडा बने नन्हे बच्चे, फैंसी ड्रेस गतिविधि से दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंह ठाकुर, भिलाई।  छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर बच्चों में प्रदेश की संस्कृति, इतिहास और महान विभूतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से खुर्सीपार स्थित शासकीय स्कूल में विशेष गतिविधि आयोजित की गई। सेक्टर-11 खुर्सीपार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राथमिक विभाग में फैंसी ड्रेस और अभिव्यक्ति कौशल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें नन्हे बच्चों ने अलग-अलग महान विभूतियों और छत्तीसगढ़ महतारी का रूप धारण कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने छत्तीसगढ़ महतारी, पंडवानी गायिका तीजन बाई, समाजसेवी फूलबासन यादव, आदिवासी जननायक बिरसा मुंडा और मिनी माता जैसे प्रेरणादायी व्यक्तित्वों का रूप धारण किया। बच्चों ने केवल वेशभूषा के माध्यम से ही नहीं, बल्कि अभिनय और अभिव्यक्ति कौशल के जरिए भी इन महान व्यक्तित्वों के जीवन परिचय को प्रस्तुत किया। उनके प्रयासों के माध्यम से उपस्थित लोगों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक योगदान और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में जानने का अवसर मिला

इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और समाज के लिए योगदान देने वाले महान व्यक्तियों से परिचित कराना था। फैंसी ड्रेस के माध्यम से बच्चों को मंच पर अपनी बात रखने, आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने और अभिनय कौशल विकसित करने का अवसर मिला। छोटी उम्र में इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की क्षमता को प्रोत्साहन मिलता है।

कार्यक्रम का आयोजन नवाचारी शिक्षक कामता साहू के मार्गदर्शन में किया गया। उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने अपनी-अपनी भूमिकाओं की तैयारी की और संबंधित व्यक्तित्वों के बारे में जानकारी जुटाकर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी और उनके प्रयासों को सराहा गया।

विद्यालय की प्रधान पाठक ग्लोरिया बड़ा ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की सभी को बधाई दी। उन्होंने इस तरह की शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों के महत्व पर जोर दिया। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को किताबों से आगे बढ़कर समाज, संस्कृति और इतिहास को समझने का अवसर देते हैं।

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों को अपनी पहचान और प्रदेश की गौरवशाली विरासत से जोड़ने का प्रयास किया। नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और महान विभूतियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।