भाजपा सरकार वोट चोरी के आरोपों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को क्यों बचा रही है: डॉ. लक्ष्मी ध्रुव

धमतरी। सिहावा विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन में शामिल होकर केंद्र की भाजपा सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के जरिए वोट चोरी किए जाने का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। डॉ. ध्रुव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संवैधानिक संस्थाओं का स्वतंत्र और निष्पक्ष होना जरूरी है।

Nov 3, 2026 - 10:27
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भाजपा सरकार वोट चोरी के आरोपों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को क्यों बचा रही है: डॉ. लक्ष्मी ध्रुव

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l सिहावा विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन में शामिल होकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए। डॉ. ध्रुव ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं के वोट प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है और इस मामले में केंद्र सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े होते हैं।

डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने दावा किया कि रामलीला मैदान में आयोजित आंदोलन में 15 लाख से अधिक लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए जरूरी है। उनके अनुसार, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में देश की संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग और अन्य संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।

पूर्व विधायक ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के जरिए गुप्त रूप से वोट चोरी की जा रही है। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि वह ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है। डॉ. ध्रुव का कहना है कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय हैं। हालांकि, ये आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और उपलब्ध जानकारी में निर्वाचन आयोग या केंद्र सरकार का पक्ष शामिल नहीं है।

डॉ. ध्रुव ने कहा कि देश में विभिन्न संगठनों और राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े लोगों की एकजुटता इस बात का संकेत है कि नागरिक लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि देश की व्यवस्था कुछ चुनिंदा लोगों के इशारे पर चल रही है और आम नागरिकों की आवाज को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना गुलामी से करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लोगों को फिर से संघर्ष करना पड़ रहा है।

उन्होंने लोकतंत्र की परिभाषा पर बात रखते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने या राजनीतिक नारे लगाने तक सीमित नहीं है। इसकी वास्तविक पहचान यह है कि प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय के अपनी बात रख सके, संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से काम करें, विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले और सरकार जनता के प्रति जवाबदेह बनी रहे।

कांग्रेस पार्टी की भूमिका का उल्लेख करते हुए डॉ. ध्रुव ने कहा कि पार्टी देश की आजादी, संविधान निर्माण, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने और सामाजिक न्याय के लिए ऐतिहासिक योगदान देती आई है। उन्होंने कहा कि जब संवैधानिक मर्यादाओं, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हों, तब लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है।

डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए नागरिकों से जागरूक रहने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की अपील की।