Crude Oil Price Today: कच्चा तेल 105 डॉलर के करीब, MCX पर 9,185 रुपये प्रति बैरल पहुंचा भाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार की भारी गिरावट के बाद मंगलवार, तीन नवंबर को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 104.80 डॉलर और अमेरिकी WTI 96.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं घरेलू वायदा बाजार MCX पर 19 नवंबर एक्सपायरी वाला क्रूड ऑयल कॉन्ट्रैक्ट सुबह 10:04 बजे 9,185 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति को लेकर बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

Nov 3, 2026 - 11:50
 0  2
Crude Oil Price Today: कच्चा तेल 105 डॉलर के करीब, MCX पर 9,185 रुपये प्रति बैरल पहुंचा भाव

UNITED NEWS OF ASIA. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को भारी गिरावट के बाद मंगलवार, तीन नवंबर को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की रिकवरी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों के भाव में मामूली तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 104.80 डॉलर प्रति बैरल और WTI 96.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर क्रूड ऑयल का भाव 9,185 रुपये प्रति बैरल तक पहुंच गया।

MCX पर 19 नवंबर एक्सपायरी वाला क्रूड ऑयल कॉन्ट्रैक्ट मंगलवार सुबह 10:04 बजे 9,185 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। पिछले बंद भाव के मुकाबले इसमें 113 रुपये यानी 1.25 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। कारोबार के दौरान घरेलू बाजार में कच्चे तेल का भाव 9,120 रुपये से 9,187 रुपये प्रति बैरल के बीच रहा। इससे पहले सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सात प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई थी।

सोमवार की गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद को एक प्रमुख वजह माना गया। ईरान और कतर के अधिकारियों के बीच बातचीत की खबरों से बाजार में यह संभावना बनी कि अमेरिका-ईरान संघर्ष खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इससे पश्चिम एशिया से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका कुछ कम हुई और कीमतों पर दबाव पड़ा।

हालांकि मंगलवार को ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर सामने आने के बाद तेल बाजार में फिर हलचल देखी गई। Reuters के मुताबिक, सुबह 3:55 GMT तक अमेरिकी WTI क्रूड 0.21 प्रतिशत बढ़कर 96.66 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.03 प्रतिशत बढ़कर 104.80 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इस घटनाक्रम ने बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम को लेकर चिंताएं फिर बढ़ा दी हैं।

कच्चे तेल की कीमतों पर पश्चिम एशिया का तनाव लगातार असर डाल रहा है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बाजार की चिंता बनी हुई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है। क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने या जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।

ईरान की ओर से अमेरिका के साथ बातचीत जारी रहने की बात कही गई है, लेकिन कतर की मध्यस्थता में हुई बातचीत से फिलहाल कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के साथ समझौते की संभावना जताई है। ऐसे में बाजार की नजर दोनों देशों के बीच आगे होने वाली बातचीत और क्षेत्र में तेल आपूर्ति की स्थिति पर बनी हुई है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि संघर्ष के कारण तेल की वास्तविक आपूर्ति या ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचता है, तो कीमतों में दोबारा तेज उछाल आ सकता है। वहीं तनाव कम होने और आपूर्ति सामान्य रहने की स्थिति में कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। फिलहाल कच्चे तेल का बाजार राजनीतिक घटनाक्रम और पश्चिम एशिया की स्थिति के प्रति संवेदनशील बना हुआ है।