स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप से बदली तस्वीर, ग्राम ओरमा के ग्रामीणों का बिजली बिल हुआ कम

बालोद जिले के ग्राम ओरमा में स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप के उपयोग से ग्रामीणों को बिजली खपत की सटीक जानकारी मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐप के माध्यम से रोजाना खपत की निगरानी करने से बिजली का उपयोग नियंत्रित हुआ है और मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही ऑनलाइन बिल भुगतान की सुविधा भी लोगों के लिए लाभदायक साबित हो रही है।

Aug 7, 2026 - 18:24
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स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप से बदली तस्वीर, ग्राम ओरमा के ग्रामीणों का बिजली बिल हुआ कम

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले के ग्राम पंचायत ओरमा में स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप का उपयोग ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। नई तकनीक के इस्तेमाल से न केवल बिजली की खपत में पारदर्शिता आई है, बल्कि लोग अपनी दैनिक बिजली खपत पर नजर रखकर ऊर्जा की बचत भी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसका सीधा असर उनके मासिक बिजली बिल पर दिखाई दे रहा है और पहले की तुलना में बिल में उल्लेखनीय कमी आई है।

ग्राम पंचायत ओरमा की सरपंच मंजूलता साहू ने बताया कि पहले बिजली की वास्तविक खपत का सही अनुमान लगाना मुश्किल होता था। बिल आने के बाद ही खर्च का पता चलता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने और ‘मोर बिजली’ ऐप के उपयोग से अब प्रतिदिन बिजली की खपत की जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध हो जाती है। इससे परिवार अपनी जरूरत के अनुसार बिजली उपकरणों का उपयोग कर रहा है और अनावश्यक बिजली खर्च से बच रहा है।

उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में कूलर, पंखा और अन्य बिजली उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण उनका मासिक बिजली बिल लगभग 1200 रुपये तक पहुंच गया था। लेकिन ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से रोजाना खपत की निगरानी शुरू करने के बाद बिजली का उपयोग अधिक व्यवस्थित हुआ और पिछले महीने उनका बिजली बिल घटकर लगभग 600 रुपये रह गया। उन्होंने अन्य उपभोक्ताओं से भी स्मार्ट मीटर के साथ ‘मोर बिजली’ ऐप का उपयोग करने की अपील की।

ग्राम ओरमा के निवासी एवं किसान नंदकुमार साहू ने बताया कि उनके घर और दुकान दोनों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। ऐप के माध्यम से वे हर दिन बिजली की खपत देख पाते हैं और उसी के अनुसार बिजली उपकरणों का उपयोग करते हैं। उनका कहना है कि पहले गर्मी के मौसम में बिजली बिल अधिक आता था, लेकिन अब ऊर्जा के बेहतर प्रबंधन से बिल में कमी आई है। उन्होंने यह भी बताया कि अब बिजली बिल जमा कराने के लिए कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, क्योंकि ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।

गांव की कमलेश्वरी साहू और पेमिन साहू ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की खपत पूरी तरह पारदर्शी हो गई है। ऐप पर प्रतिदिन की खपत और संभावित मासिक बिल का अनुमान मिलने से बिजली का उपयोग नियंत्रित करना आसान हो गया है। इससे बिजली की बचत के साथ-साथ मासिक खर्च में भी कमी आई है।

ग्रामीणों का मानना है कि स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप की यह व्यवस्था उन्हें ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक बना रही है। बिजली की खपत का वास्तविक आंकड़ा मिलने से लोग अनावश्यक बिजली उपयोग से बच रहे हैं और जरूरत के अनुसार उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न केवल बिजली बिल कम हो रहा है, बल्कि ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

ग्राम ओरमा में स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप का अनुभव यह दर्शाता है कि तकनीक का सही उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में भी पारदर्शिता, सुविधा और बचत सुनिश्चित कर सकता है। बिजली खपत की नियमित निगरानी, ऑनलाइन भुगतान और ऊर्जा के बेहतर प्रबंधन जैसी सुविधाओं ने ग्रामीणों के दैनिक जीवन को अधिक सरल और सुविधाजनक बना दिया है।