छावनी जोन में विद्युत सुरक्षा कार्यशाला आयोजित, कर्मचारियों को दुर्घटना से बचाव के बताए उपाय

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड दुर्ग क्षेत्र के छावनी जोन में तकनीकी और ठेका कर्मचारियों के लिए विद्युत सुरक्षा कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बिजली दुर्घटनाओं से बचाव, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और लाइन मेंटेनेंस के दौरान सतर्कता बरतने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए।

Aug 7, 2026 - 17:14
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छावनी जोन में विद्युत सुरक्षा कार्यशाला आयोजित, कर्मचारियों को दुर्घटना से बचाव के बताए उपाय

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिले के छावनी जोन में विद्युत सुरक्षा को लेकर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला में मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले तकनीकी और ठेका कर्मचारियों को विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव, सुरक्षा मानकों और कार्य के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त मुख्य अभियंता एस. मनोज ने कर्मचारियों को सुरक्षित तरीके से विद्युत कार्य करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांतों को समझना और उनका पालन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि अधिकांश विद्युत दुर्घटनाएं छोटी-छोटी लापरवाहियों के कारण होती हैं, इसलिए कर्मचारियों को हमेशा सतर्क रहकर और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करते हुए कार्य करना चाहिए।

एस. मनोज ने लाइन मेंटेनेंस के दौरान विशेष सावधानी बरतने की बात कही। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विद्युत कनेक्शनों में सही अर्थिंग का होना बहुत महत्वपूर्ण है। मैदानी कर्मचारी उपभोक्ताओं को भी अर्थिंग के महत्व की जानकारी दें और स्वयं भी इसकी जांच करते रहें, ताकि विद्युत संबंधी जोखिमों को कम किया जा सके।

कार्यपालन अभियंता नगर संभाग भिलाई पूर्व टी.एन. बन्छोर और अनसुईया ठाकुर ने भी कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, दस्ताने, टेस्टर और डिस्चार्ज राड जैसे उपकरण विद्युत कार्य के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं। इन उपकरणों का नियमित निरीक्षण किया जाना चाहिए और खराब स्थिति में तुरंत बदला जाना चाहिए।

कार्यशाला में अधिकारियों ने सुरक्षा उपकरणों के उपयोग का प्रायोगिक प्रदर्शन भी किया। कर्मचारियों को बताया गया कि किस प्रकार ऊंचाई पर काम करते समय सेफ्टी बेल्ट का उपयोग करना है, विद्युत लाइन में कार्य के दौरान किन सावधानियों का पालन करना है और सुरक्षा उपकरणों को सही तरीके से कैसे इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर तकनीकी कर्मचारियों ने भी अपने कार्य अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मैदानी कार्य के दौरान किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और सुरक्षा को लेकर किस प्रकार की चुनौतियां आती हैं। अधिकारियों ने कर्मचारियों की समस्याओं को सुना और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में सहायक अभियंता छावनी जोन दीक्षांत चुरेन्द्र, आर. साहू, कनिष्ठ अभियंता श्रेया अग्रवाल, दीप्ति चन्द्राकर सहित जोन के सभी तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि विद्युत सुरक्षा केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सुरक्षित विद्युत व्यवस्था के लिए सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस कार्यशाला का उद्देश्य कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर कार्य प्रणाली विकसित करना था। विभाग ने भविष्य में भी इस तरह के सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही, ताकि विद्युत सेवाओं से जुड़े सभी कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में कार्य कर सकें।