अमित शाह के नशामुक्ति अभियान पर चोवाराम साहू ने उठाए सवाल, कहा– छत्तीसगढ़ में शराब बेचकर हजारों करोड़ कमा रही भाजपा सरकार

कवर्धा कृषि उपज मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष चोवाराम साहू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नशामुक्ति अभियान पर सवाल उठाते हुए छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश सरकार को शराब कारोबार से लगभग 10,751 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। साहू ने सवाल किया कि नशामुक्ति अभियान भाजपा शासित राज्यों में भी समान रूप से लागू होगा या नहीं।

Oct 22, 2026 - 08:02
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अमित शाह के नशामुक्ति अभियान पर चोवाराम साहू ने उठाए सवाल, कहा– छत्तीसगढ़ में शराब बेचकर हजारों करोड़ कमा रही भाजपा सरकार

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देशभर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं। कवर्धा कृषि उपज मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष चोवाराम साहू ने केंद्र सरकार के नशामुक्ति अभियान का स्वागत करते हुए भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार नशामुक्त भारत बनाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार शराब बिक्री से हजारों करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर रही है।

चोवाराम साहू ने अपने जारी बयान में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में नशे के खिलाफ अभियान तेज करने और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने की बात कही है। इसी क्रम में 20 अक्टूबर को पंजाब पहुंचकर उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण मारे गए लोगों के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। साहू ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए पूछा कि क्या नशामुक्ति अभियान केवल गैर-भाजपा शासित राज्यों तक सीमित रहेगा या भाजपा शासित प्रदेशों में भी इसी तरह की पहल की जाएगी।

चोवाराम साहू ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ सरकार को वित्तीय वर्ष 2025-26 में शराब कारोबार से लगभग 10,751 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। उनके अनुसार, यह राशि औसतन करीब 896 करोड़ रुपये प्रतिमाह होती है। उन्होंने कहा कि शराब बिक्री से होने वाली इतनी बड़ी राजस्व प्राप्ति प्रदेश में शराब की खपत को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, उनके द्वारा प्रस्तुत राजस्व आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

साहू ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब की बढ़ती उपलब्धता के कारण अनेक परिवार सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने शराब के दुरुपयोग को घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य सामाजिक समस्याओं से जोड़ते हुए चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि नशे की प्रवृत्ति का सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ता है। उन्होंने अवैध शराब की बिक्री और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता बताई।

चोवाराम साहू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, तो क्या वह छत्तीसगढ़ में भी पूर्ण शराबबंदी की दिशा में पहल करेगी? उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार से शराबबंदी को लेकर अपनी नीति स्पष्ट करने की मांग की।

साहू ने कहा कि नशामुक्ति जैसे सामाजिक विषय को राजनीतिक सीमाओं में नहीं बांधा जाना चाहिए। उनके अनुसार, नशे के खिलाफ अभियान सभी राज्यों में समान गंभीरता और राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ चलाया जाना आवश्यक है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं नशामुक्ति अभियान केवल चुनावी राज्यों में राजनीतिक मुद्दा बनकर न रह जाए।

उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनजागरूकता, प्रभावी नियंत्रण और ठोस नीतिगत फैसलों की आवश्यकता है। चोवाराम साहू ने छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी की मांग दोहराते हुए केंद्र और राज्य सरकार से इस विषय पर स्पष्ट रुख अपनाने का आग्रह किया।