ग्राम नंदकठी में हर्षोल्लास से मनाया गया दशहरा पर्व, भव्य शोभायात्रा और राम-रावण वध लीला देखने उमड़ी हजारों की भीड़

ग्राम नंदकठी में दशहरा पर्व धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राम मंदिर से भगवान राम एवं रावण दरबार की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो गांव के प्रमुख चौक-चौराहों से होकर गुजरी। पंचायत भवन में पंडित रवि मिश्रा ने पूजा-अर्चना कर रैनी मारने की परंपरा संपन्न कराई। बाजार चौक के सांस्कृतिक मंच पर राम-रावण वध लीला का मंचन हुआ, जिसे देखने हजारों ग्रामीण और बाहर से आए दर्शक उपस्थित रहे।

Oct 22, 2026 - 08:09
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ग्राम नंदकठी में हर्षोल्लास से मनाया गया दशहरा पर्व, भव्य शोभायात्रा और राम-रावण वध लीला देखने उमड़ी हजारों की भीड़

UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर ठाकुर, दुर्ग l ग्राम नंदकठी में विजयादशमी एवं दशहरा पर्व पूरे उत्साह, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गांव में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक एकता का सुंदर संगम देखने को मिला।

दशहरा महोत्सव की शुरुआत ग्राम के राम मंदिर से भगवान राम एवं रावण दरबार की भव्य शोभायात्रा निकालकर की गई। शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। इस दौरान भगवान श्रीराम से जुड़ी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया। शोभायात्रा में शामिल ग्रामीणों ने दशहरा पर्व के प्रति अपनी आस्था और उत्साह व्यक्त किया। आयोजन ने गांव की पारंपरिक धार्मिक संस्कृति और सामाजिक सहभागिता को विशेष रूप से प्रदर्शित किया।

राम मंदिर से निकाली गई शोभायात्रा ग्राम के सुभाष चौक, बावली चौक और हनुमान मंदिर सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों से होते हुए पंचायत भवन पहुंची। यहां पंडित रवि मिश्रा द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना कराई गई। इसके पश्चात दशहरा पर्व की पारंपरिक रैनी मारने की रस्म संपन्न हुई। इस धार्मिक आयोजन में ग्रामीणों ने सहभागिता निभाई और अपनी परंपराओं के प्रति आस्था व्यक्त की। रैनी मारने की परंपरा दशहरा उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा रही, जिसे ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक संपन्न किया।

पंचायत भवन में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद शोभायात्रा ग्राम के बाजार चौक स्थित सांस्कृतिक मंच पर पहुंची। यहां दशहरा महोत्सव के अंतर्गत राम-रावण वध लीला का मंचन किया गया। इस मंचन के माध्यम से भगवान श्रीराम और रावण के बीच संघर्ष तथा अंत में सत्य और धर्म की विजय का संदेश प्रस्तुत किया गया। राम-रावण वध लीला को देखने के लिए ग्राम नंदकठी सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे।

बाजार चौक के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित राम-रावण वध लीला दशहरा महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रही। धार्मिक कथा के मंचन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और विजयादशमी पर्व के महत्व को दर्शाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों और बाहर से आए दर्शकों ने इस आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।

दशहरा पर्व भारतीय संस्कृति में सत्य, धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक माना जाता है। भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध किए जाने की कथा समाज को अहंकार, अन्याय और बुराई से दूर रहने की प्रेरणा देती है। ग्राम नंदकठी में आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भी इन्हीं मूल्यों को सामने रखा। साथ ही गांव की परंपराओं को जीवंत बनाए रखने और नई पीढ़ी को धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का संदेश दिया।

ग्राम नंदकठी में दशहरा महोत्सव के दौरान निकाली गई शोभायात्रा, विधिवत पूजा-अर्चना, रैनी मारने की परंपरा और राम-रावण वध लीला के मंचन ने पूरे आयोजन को यादगार बनाया। हजारों दर्शकों की उपस्थिति के बीच दशहरा पर्व हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन ग्रामीण संस्कृति, धार्मिक विश्वास और सामूहिक सहभागिता का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया।