बालकोनगर में विजयादशमी उत्सव की धूम, 49 वर्षों की परंपरा के बीच भव्य रावण दहन, रामलीला और आकर्षक झांकियों ने मोहा मन

छत्तीसगढ़ के बालकोनगर स्थित रामलीला मैदान में बालको सार्वजनिक विजयादशमी समिति द्वारा भव्य दशहरा उत्सव आयोजित किया गया। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश कुमार सिंह ने रावण दहन किया। भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी की आकर्षक झांकियों तथा रामलीला मंचन ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। 49 वर्षों से आयोजित यह उत्सव क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बना हुआ है।

Oct 22, 2026 - 08:45
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बालकोनगर में विजयादशमी उत्सव की धूम, 49 वर्षों की परंपरा के बीच भव्य रावण दहन, रामलीला और आकर्षक झांकियों ने मोहा मन

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l छत्तीसगढ़ के बालकोनगर में विजयादशमी का पर्व श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रामलीला मैदान में बालको सार्वजनिक विजयादशमी समिति द्वारा भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी की आकर्षक झांकियों, रामलीला मंचन और रावण दहन कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बालकोनगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक और श्रद्धालु शामिल हुए।

विजयादशमी उत्सव का शुभारंभ भगवान श्रीराम की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस दौरान बालको परिवार के सदस्यों ने भगवान श्रीराम की आराधना कर कंपनी, कर्मचारियों और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति तथा निरंतर प्रगति की कामना की। धार्मिक वातावरण और श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे रामलीला मैदान को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रावण दहन रहा। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश कुमार सिंह ने रावण दहन किया। रावण दहन के साथ उपस्थित श्रद्धालुओं ने विजयादशमी पर्व को उत्साहपूर्वक मनाया। यह आयोजन असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देने वाला रहा।

उत्सव के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी की आकर्षक झांकियों ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। धार्मिक पात्रों की वेशभूषा और रामायण से जुड़े प्रसंगों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का कार्य किया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादाओं को याद करते हुए विजयादशमी पर्व का महत्व समझा।

बालकोनगर में विजयादशमी उत्सव से पहले आयोजित रामलीला की विभिन्न प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों का संदेश दिया। रामलीला के माध्यम से सत्य, न्याय, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा जैसे जीवन मूल्यों को प्रस्तुत किया गया। इन सांस्कृतिक गतिविधियों ने धार्मिक आस्था के साथ नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बालकोनगर का सार्वजनिक विजयादशमी उत्सव पिछले 49 वर्षों से क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। इतने लंबे समय से आयोजित होने वाला यह पर्व स्थानीय नागरिकों और बालको परिवार के लिए विशेष महत्व रखता है। हर वर्ष विजयादशमी के अवसर पर क्षेत्र के लोग एकत्रित होकर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं।

इस आयोजन की विशेषता केवल रावण दहन या रामलीला मंचन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देता है। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की उपस्थिति इस उत्सव के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था और जुड़ाव को दर्शाती है।

विजयादशमी का पर्व भारतीय संस्कृति में सत्य, धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक माना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक विचारों, नैतिक मूल्यों और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश भी इस पर्व के माध्यम से दिया जाता है।

बालको सार्वजनिक विजयादशमी समिति द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने क्षेत्र की वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का कार्य किया। रामलीला, आकर्षक झांकियों और रावण दहन के माध्यम से बालकोनगर में उत्सव का उल्लासपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

कुल मिलाकर, बालकोनगर में आयोजित विजयादशमी उत्सव धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का सुंदर संगम रहा। 49 वर्षों से चली आ रही इस गौरवशाली परंपरा ने एक बार फिर क्षेत्रवासियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य की विजय और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।