ग्राम बोड़ेगांव में विजयादशमी की धूम, नवजागृति रामलीला समिति ने धूमधाम से मनाया दशहरा पर्व
दुर्ग जिले के ग्राम बोड़ेगांव में नवजागृति रामलीला समिति और ग्रामवासियों के संयुक्त सहयोग से विजयादशमी पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सरपंच पप्पी भुपेंद्र टंडन, उपसरपंच रवि प्रकाश ताम्रकार और पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। आयोजन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपराओं और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंह ठाकुर, दुर्ग l छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत बोड़ेगांव में विजयादशमी एवं दशहरा पर्व इस वर्ष भी बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नवजागृति रामलीला समिति के तत्वावधान में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य की विजय और समाज में आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया।
ग्राम बोड़ेगांव में दशहरा पर्व का आयोजन वर्षों से धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। इस वर्ष भी नवजागृति रामलीला समिति ने ग्रामवासियों के साथ मिलकर आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में ग्रामीणों की सामूहिक सहभागिता ने सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को मजबूत किया। इस अवसर पर विजयादशमी पर्व के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में ग्राम पंचायत बोड़ेगांव की सरपंच पप्पी भुपेंद्र टंडन, उपसरपंच रवि प्रकाश ताम्रकार और समस्त पंचगण का विशेष योगदान रहा। पंचायत प्रतिनिधियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में भूमिका निभाई। ग्रामवासियों ने भी आपसी समन्वय और सहयोग के साथ आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया। समिति और पंचायत प्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों से दशहरा पर्व उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
विजयादशमी का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। भगवान श्रीराम द्वारा रावण पर विजय की स्मृति में मनाया जाने वाला यह त्योहार समाज को सत्य, न्याय, मर्यादा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ग्राम बोड़ेगांव में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से भी इन्हीं मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में दशहरा जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का महत्व केवल त्योहार मनाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ये कार्यक्रम सामाजिक सद्भाव और सामूहिक एकता को भी मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजनों में अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही ग्रामीणों के बीच आपसी संवाद, सहयोग और भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलता है।
नवजागृति रामलीला समिति एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने में ग्रामीणों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। समिति ने आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी लोगों के सहयोग की सराहना की।
ग्राम बोड़ेगांव में विजयादशमी पर्व का आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से संपन्न इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि परंपराओं का संरक्षण और आपसी सहयोग ही एक सशक्त एवं संस्कारित समाज की आधारशिला है।