आधार कार्ड की बड़ी लापरवाही, 9वीं की छात्रा का नाम और जन्मतिथि गलत दर्ज, पिता लगा रहे दफ्तरों के चक्कर
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के नेहरूनगर गांव में 9वीं की छात्रा के आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि गलत दर्ज होने से परिवार परेशान है। छात्रा के पिता का आरोप है कि सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद अब तक सुधार नहीं किया गया, जिससे बच्ची की पढ़ाई और भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामानुजगंज तहसील अंतर्गत ग्राम नेहरूनगर में आधार कार्ड में हुई कथित त्रुटि के कारण एक गरीब परिवार पिछले कई महीनों से परेशान है। 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा के आधार कार्ड में उसका नाम और जन्मतिथि गलत दर्ज होने से उसकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर परिवार चिंता में है। छात्रा के पिता का आरोप है कि कई बार आवेदन देने और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद अब तक आधार में सुधार नहीं हो सका है।
पीड़ित पिता राहुल मंडल ने बताया कि उनकी बेटी का वास्तविक नाम ज्योति मंडल है और उसकी सही जन्मतिथि 24 अप्रैल 2012 है। उनका आरोप है कि आधार कार्ड बनाते समय हुई लापरवाही के कारण छात्रा का नाम जय मंडल दर्ज कर दिया गया, जबकि जन्मतिथि 14 नवंबर 2013 अंकित कर दी गई। इस त्रुटि के कारण अब छात्रा के शैक्षणिक दस्तावेज और आधार कार्ड में जानकारी मेल नहीं खा रही है।
राहुल मंडल के अनुसार, उनकी बेटी वर्तमान में 9वीं कक्षा में अध्ययनरत है। स्कूल के सभी अभिलेखों में उसका नाम और जन्मतिथि सही दर्ज है, लेकिन आधार कार्ड में गलत जानकारी होने के कारण आगे बोर्ड परीक्षाओं, छात्रवृत्ति, प्रवेश प्रक्रिया तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों की आशंका बनी हुई है।
पीड़ित पिता का कहना है कि उन्होंने आधार कार्ड में सुधार कराने के लिए कई बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाए हैं। उन्होंने तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय तथा अन्य संबंधित विभागों में आवेदन प्रस्तुत किया है। इसके साथ ही छात्रा का जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल के दस्तावेज और अन्य आवश्यक प्रमाण भी जमा किए गए हैं। इसके बावजूद अब तक सुधार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
राहुल मंडल का आरोप है कि हर बार आवेदन तो स्वीकार कर लिया जाता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाना उनके लिए कठिन हो गया है। उनका कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अब किससे मदद मांगी जाए।
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि सरकारी दस्तावेजों में इस प्रकार की त्रुटियां समय रहते दूर होना आवश्यक है, क्योंकि छोटी सी गलती भी विद्यार्थियों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर जल्द समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
अब इस मामले में लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि समय रहते आधार कार्ड में आवश्यक सुधार नहीं किया गया तो छात्रा को आगे की शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। परिजन प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर आधार कार्ड में सही नाम और जन्मतिथि दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।