कमलेश वर्तमान में सक्षम आवासीय विद्यालय, आवरगा, जिला दंतेवाड़ा में अध्ययनरत है। उसे पढ़ाई के साथ स्कूल की विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने की इच्छा है, लेकिन चलने-फिरने में परेशानी के कारण कई दैनिक गतिविधियां उसके लिए चुनौतीपूर्ण रही हैं। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उसकी आवश्यकता की पहचान की गई। इसके बाद चिरायु कार्यक्रम के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने की पहल की गई।
कृत्रिम पैर मिलने के बाद कमलेश के लिए विद्यालय परिसर में आने-जाने और दैनिक गतिविधियों में भाग लेने में सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। वह अपने साथियों के साथ अधिक आत्मविश्वास से स्कूल की गतिविधियों में शामिल हो सकेगा। परिवार को भी उम्मीद है कि इस सुविधा से कमलेश अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे पाएगा और आगे बढ़ने के अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में प्रयास जारी रख सकेगा।
चिरायु कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार और सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जिन बच्चों की जरूरत सामने आती है, उन्हें उनकी स्थिति के अनुसार उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। कमलेश को कृत्रिम पैर उपलब्ध कराया जाना भी इसी पहल का हिस्सा है।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य बच्चों में ऐसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान करना है, जो उनके सामान्य जीवन, शिक्षा और विकास में बाधा बन सकती हैं। इसके बाद जरूरत के अनुसार उपचार, परामर्श और अन्य आवश्यक सुविधाओं से बच्चों को जोड़ने का प्रयास किया जाता है। समय पर स्वास्थ्य जांच और उचित सुविधा मिलने से बच्चों को अपनी दैनिक गतिविधियों में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
कमलेश के लिए कृत्रिम पैर केवल चलने-फिरने की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उसके स्कूल जीवन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब वह अपनी क्षमताओं को विकसित करने और शिक्षा के माध्यम से भविष्य की ओर बढ़ने का प्रयास कर सकेगा। चिरायु कार्यक्रम के माध्यम से मिली यह सुविधा इस बात को रेखांकित करती है कि समय पर स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की पहचान और उचित सहायता बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। परिवार को उम्मीद है कि कमलेश आने वाले समय में अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने स्कूल और जीवन की मंजिल की ओर कदम बढ़ाएगा।